By using this site, you agree to the Privacy Policy and Terms of Use.
Accept
Devbhumi DiscoverDevbhumi DiscoverDevbhumi Discover
  • उत्तरप्रदेश
  • उत्तराखण्ड
  • क्राइम
  • खेल
  • दुनिया
  • देश
  • धर्म
  • पर्यटन
  • E-Paper
  • राजनीति
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
Search
Recent Posts
  • महाविद्यालयों में प्राचार्यों की पदोन्नति को शीघ्र होगी डीपीसीः डाॅ. धन सिंह रावत  
  • देहरादून के दूरस्थ इलाकों में नेटवर्क का ‘डेड जोन’ होगा खत्म, 19 शैडो एरिया पर विशेष फोकस
  • देहरादून, ऋषिकेश रेल स्टेशन पर स्वच्छता पखवाड़ा के तहत जन-जागरूकता अभियानों का आयोजन
  • मुख्य सचिव ने किया दून विश्वविद्यालय में दो दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी का शुभारंभ
  • मेधावी विद्यार्थी उत्तराखंड के उज्ज्वल भविष्य के आधार स्तंभ: मुख्यमंत्री
  • Advertise
© 2023 Devbhumi Discover. All Rights Reserved. | Designed By: Tech Yard Labs
Reading: मुख्य सचिव ने किया दून विश्वविद्यालय में दो दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी का शुभारंभ
Share
Notification Show More
Font ResizerAa
Devbhumi DiscoverDevbhumi Discover
Font ResizerAa
  • उत्तरप्रदेश
  • उत्तराखण्ड
  • क्राइम
  • खेल
  • दुनिया
  • देश
  • धर्म
  • पर्यटन
  • E-Paper
  • राजनीति
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
Search
  • उत्तरप्रदेश
  • उत्तराखण्ड
  • क्राइम
  • खेल
  • दुनिया
  • देश
  • धर्म
  • पर्यटन
  • E-Paper
  • राजनीति
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
Follow US
  • Advertise
© 2023 Devbhumi Discover. All Rights Reserved. | Designed By: Tech Yard Labs
Devbhumi Discover > उत्तराखण्ड > मुख्य सचिव ने किया दून विश्वविद्यालय में दो दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी का शुभारंभ
उत्तराखण्डदेहरादूनदेहरादूनराज्य समाचार

मुख्य सचिव ने किया दून विश्वविद्यालय में दो दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी का शुभारंभ

Devbhumi Discover
Last updated: October 15, 2026 3:24 PM
Devbhumi Discover
Share
3 Min Read
SHARE

देहरादून: मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन ने गुरुवार को दून विश्वविद्यालय में “बदलती जलवायु में हिमालयः आपदाएं, सतत विकास एवं आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की भूमिका” विषय पर आयोजित दो दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी का शुभारंभ किया। उन्होंने कहा कि जलवायु परिवर्तन के कारण हिमालयी क्षेत्र में उत्पन्न हो रही चुनौतियों के समाधान, आपदाओं के प्रभावी आंकलन और जोखिमों को कम करने में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) की महत्वपूर्ण भूमिका हो सकती है। इसके लिए आधुनिक तकनीक का प्रभावी उपयोग करने के साथ ही सतत विकास की योजनाओं में स्थानीय समुदायों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करना आवश्यक है।
मुख्य सचिव ने कहा कि हिमालयी क्षेत्र की संवेदनशीलता और यहां की भौगोलिक परिस्थितियों को देखते हुए आपदाओं के आंकलन, उनके संभावित प्रभावों का पूर्वानुमान लगाने तथा प्रभावी योजना निर्माण में नवीन तकनीकों का उपयोग किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि तकनीक आधारित समाधान स्थानीय आवश्यकताओं और परिस्थितियों के अनुरूप होने चाहिए, ताकि उनका लाभ आमजन तक पहुंच सके।
संगोष्ठी में दक्षिण कैरोलिना विश्वविद्यालय के प्रोफेसर एवं आईएआईआरओ के मुख्य कार्यकारी अधिकारी तथा संस्थापक निदेशक प्रो. अमित शेठ ने एआई की उभरती तकनीक ‘स्मॉल एआई’ की संभावनाओं पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि कम संसाधनों में सुलभ एवं प्रभावी तकनीकी समाधान विकसित कर भारत की विशिष्ट विकास संबंधी आवश्यकताओं को पूरा किया जा सकता है। हिमालयी क्षेत्र में एक के बाद एक उत्पन्न होने वाली आपदाओं की चुनौतियों से निपटने में भी इन तकनीकों का उपयोग महत्वपूर्ण हो सकता है।
अनुसंधान नेशनल रिसर्च फाउंडेशन (एएनआरएफ) के संयुक्त सचिव डॉ. निशांत वर्मा ने दून विश्वविद्यालय में विकसित हो रहे शोध एवं अनुसंधान के वातावरण की सराहना की। उन्होंने देश में अनुसंधान गतिविधियों को प्रोत्साहित करने तथा शोध के लिए अनुकूल वातावरण विकसित करने में एएनआरएफ की भूमिका पर प्रकाश डाला।
दून विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. सुरेखा डंगवाल ने विश्वविद्यालय की शैक्षणिक एवं शोध संबंधी उपलब्धियों की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय में शिक्षकों एवं शोधार्थियों के प्रयासों से अनुसंधान गतिविधियों को निरंतर सशक्त किया जा रहा है। दो दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी में जलवायु परिवर्तन के कारण हिमालयी क्षेत्र में उत्पन्न हो रहे खतरों, आपदा आकलन एवं जोखिम न्यूनीकरण, सतत विकास की संभावनाओं तथा शोध, नियोजन एवं निर्णय प्रक्रिया में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के उपयोग पर विशेषज्ञों द्वारा व्याख्यान एवं परिचर्चाएं आयोजित की जाएंगी। संगोष्ठी में दिल्ली विश्वविद्यालय, भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान रुड़की सहित देश के विभिन्न प्रतिष्ठित संस्थानों के विशेषज्ञों, शिक्षाविदों, शोधार्थियों एवं दून विश्वविद्यालय के शिक्षकों ने प्रतिभाग किया। संगोष्ठी के संयोजक एवं भूविज्ञान विभागाध्यक्ष डॉ. विपिन कुमार सहित अन्य उपस्थित रहे।

You Might Also Like

महाविद्यालयों में प्राचार्यों की पदोन्नति को शीघ्र होगी डीपीसीः डाॅ. धन सिंह रावत  

देहरादून के दूरस्थ इलाकों में नेटवर्क का ‘डेड जोन’ होगा खत्म, 19 शैडो एरिया पर विशेष फोकस

देहरादून, ऋषिकेश रेल स्टेशन पर स्वच्छता पखवाड़ा के तहत जन-जागरूकता अभियानों का आयोजन

मेधावी विद्यार्थी उत्तराखंड के उज्ज्वल भविष्य के आधार स्तंभ: मुख्यमंत्री

देहरादून में 16 और 17 अक्टूबर को आयोजित होगा फिक्की फ्लो बाजार

Share This Article
Facebook Twitter Copy Link Print
Share
Previous Article मेधावी विद्यार्थी उत्तराखंड के उज्ज्वल भविष्य के आधार स्तंभ: मुख्यमंत्री
Next Article देहरादून, ऋषिकेश रेल स्टेशन पर स्वच्छता पखवाड़ा के तहत जन-जागरूकता अभियानों का आयोजन
Leave a comment Leave a comment

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Stay Connected

100FollowersLike
100FollowersFollow
100FollowersFollow
100SubscribersSubscribe
4.4kFollowersFollow
- Advertisement -
Ad imageAd image

Latest News

पूर्व सीएम भगत सिंह कोश्यारी ने की राज्यपाल से मुलाकात
उत्तराखण्ड देहरादून देहरादून October 14, 2026
प्रमुख सचिव ने तृतीय प्रवासी उत्तराखण्डी दिवस सम्मेलन के आयोजन के सम्बन्ध में ली बैठक
उत्तराखण्ड देहरादून देहरादून राज्य समाचार October 14, 2026
जनगणना के दूसरे चरण को गंभीरता से लें, समयबद्ध और सटीक आंकड़े जुटाना राष्ट्रीय जिम्मेदारीः एडीएम केके मिश्रा
उत्तराखण्ड देहरादून देहरादून राज्य समाचार October 14, 2026
’’राज्यपाल ने अधिकारियों, कर्मचारियों और उनके परिजनों से किया आत्मीय संवाद, उत्कृष्ट कार्यों के लिए कार्मिकों को किया सम्मानित’’
उत्तराखण्ड देहरादून देहरादून राज्य समाचार October 14, 2026
Devbhumi DiscoverDevbhumi Discover
Follow US
© 2023 Devbhumi Discover. All Rights Reserved. | Designed By: Tech Yard Labs
Welcome Back!

Sign in to your account

Lost your password?