Latest E-Papers

Weather
30°C
Dehradun
clear sky
30° _ 30°
49%
2 km/h
Mon
33 °C
Tue
33 °C
Wed
28 °C
Thu
25 °C
Fri
30 °C

Follow US

पर्यटकों के लिए खुली “फूलों की घाटी”

अगर आपको नेचर और ग्रीनरी के साथ ही फूलों की हजारों प्रजातियां…

Devbhumi Discover Devbhumi Discover

तीन दशक से पहाड़ की सेवा के लिए समर्पित हैं डॉ. महेश कुड़ियाल

उत्तराखंड विषम भोगौलिक परिस्थितियों के लिए जाना जाता है यहाँ स्वास्थ्य सेवाएँ…

Devbhumi Discover Devbhumi Discover

देवभूमि की अनूठी सांस्कृतिक धरोहर है “रम्माण”

संजय चौहान उत्‍तराखंड ने सदियों से लोकसंस्‍कृति, लोककालाओं, लोकगाथाओं को संजोकर रखा है। विश्‍व…

Devbhumi Discover Devbhumi Discover

Sponsored Content

50 दिनों में उत्तराखण्ड की 2100 एकड़ वनभूमि अतिक्रमण मुक्त

विशेष संवाददाता/  मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देश पर उत्तराखंड में अतिक्रमण के खिलाफ अभियान जारी है। प्रदेश के विविन्न क्षेत्रों में अबतक विगत 50 दिनों में कुल 2102 एकड़ वन भूमि को अवैध अतिक्रमण से मुक्त किया गया है । अभी तक वन भूमि पर अवैध अतिक्रमण कर निर्माण की गई 450 से ज़्यादा मज़ारों को हटाया गया है। इधर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के अतिक्रमण हटाओ अभियान के तहत वन विभाग मुस्तैदी से इस पूरे अभियान को लेकन काम कर रहा है। राज्य सरकार की ओर से अतिक्रमण हटाओ अभियान नोडल अधिकारी डा.  पराग मधुकर धकाते ने बताया की मुख्यमंत्री के निर्देशों के क्रम में पीसीसीएफ हॉफ अनुप मलिक ने सभी डीएफओ ,कंजरवेटर को अवगत कराते हुए कहा कि राज्य की चिन्हित 23 नदियों के किनारे वन और नदी श्रेणी की सरकारी भूमि पर लोग बाहर से आकर कब्जा कर रहे है जिनका सत्यापन कर उन्हे यहां से हटाना होगा। उन्होंने कहा कि धार्मिक स्थलों की सूची बना कर उन्हे नोटिस दिया जाए और उनसे जवाब  लिए जाए। डॉ धकाते ने बताया कि पीसीसीएफ मलिक ने यह भी निर्देशित किया कि उत्तराखंड में 11861 हैक्टेयर भूमि पर अवैध कब्जा है जिन्हे चरणबद्ध तरीके से खाली करवाना है ,अभी तक कुल 456 हेक्टेयर भूमि ही खाली हो पाई है।अभी तक वन भूमि पर 450 मज़ारें व अन्य धामिक स्थलों के नाम पर किये गये अवैध अतिक्रमण के चिन्हित कर हटाया गया है । अतिक्रमण हटाओ अभियान नोडल अधिकारी डा.  पराग मधुकर धकाते ने यह भी बताया कि देश में पहली बार इतना बड़ा अभियान और किसी राज्य में नही चला है, वन गुज्जरो को हटाने के मामले पर उन्होंने कहा कि जिन्हे पूर्व में बसने के लिए अनुमति दी गई है उन्हे कोई छेड़ नही रहा ,जो नए आ आ कर यहां अवैध रूप से बस रहे उन्हे यहां बसने रुकने की इजाजत बिल्कुल नही दी जाएगी। विभागीय अधिकारियों पर होगी कार्रवाई  पीसीसीएफ मलिक डॉ अनूप मलिक ने बताया कि मुख्यमंत्री  धामी के निर्देशों के क्रम में यह स्पष्ट कहा गया है कि उत्तराखंड में  71 प्रतिशत वन भूमि है और यहां लोगो द्वारा धर्म की आढ लेकर कब्जे करने के मामले सामने आए है इस बारे में कुछ विभागीय अधिकारियों की मिलीभगत भी लगती है जिसकी उच्चस्तरीय जांच भी चल रही है। गौर तलब है कि टास्क फ़ोर्स अब इस मामले की जाँच में भी जुटी हुई है कि प्रदेश में जिन अधिकारीयों के कार्यकाल में अवैध कब्जे हुए हैं उनपर पुख्ता साक्ष्य के आधार पर कार्रवाई की जाए । लक्ष्य निर्धारित कर काम करेंगे DFO प्रदेश में अतिक्रमण मुक्त अभियान के तहत पीसीसीएफ मलिक ने जनपद स्तरीय अधिकारीयों को निर्देश दिए हैं कि  सभी डीएफओ एवं अन्य अधिकारी लक्ष्य निर्धारित कर काम करें और नदियों किनारे से अपनी जमीन को मुक्त करवाएं उन्होंने मुख्यमंत्री धामी के मंतव्य को स्पष्ट करते हुए कहा कि यदी अधिकारी काम नहीं करेंगे तो उनकी जवाबदेहि तय की जाएगी। उत्तराखंड में वन भूमि पर अवैध अतिक्रमण का विवरण:  उत्तराखंड में 11861  हेक्टेयर गढ़वाल मण्डल: 2295   हेक्टेयर  कुमाऊँ मण्डल: 9491 हेक्टेयर वन्य जीव मण्डल: 76  हेक्टेयर कॉर्बेट पार्क - 9  हेक्टेयर राजाजी पार्क में 3.5  हेक्टेयर प्रदेश में अतिक्रमण के खिलाफ अभियान में युद्धस्तर पर कार्य किया जा रहा है, जिन स्थानों पर अवैध कब्जे की जानकारी प्राप्त हुई थी उनपर काम किया जा चुका है. बीते 50 दिनों में 2100 एकड़ से अधिक सरकारी भूमि को अतिक्रमण मुक्त किया जा चूका है डा. पराग मधुकर धकाते, नोडल अधिकारी अतिक्रमण हटाओ अभियान 

Devbhumi Discover Devbhumi Discover