By using this site, you agree to the Privacy Policy and Terms of Use.
Accept
Devbhumi DiscoverDevbhumi DiscoverDevbhumi Discover
  • उत्तरप्रदेश
  • उत्तराखण्ड
  • क्राइम
  • खेल
  • दुनिया
  • देश
  • धर्म
  • पर्यटन
  • E-Paper
  • राजनीति
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
Search
Recent Posts
  • मुख्यमंत्री ने सरदार वल्लभभाई पटेल की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित कर दी श्रद्धांजलि
  • स्थानीय उत्पादों, हस्तशिल्प और पारंपरिक व्यंजनों को वैश्विक पहचान दिलाने के लिए सरकार प्रतिबद्धः मुख्यमंत्री
  • मुख्यमंत्री ने प्रदान की विभिन्न विकास योजनाओं के लिए 805 करोड़ की वित्तीय स्वीकृति
  • मुख्यमंत्री ने देहरादून में ‘रन फॉर यूनिटी’ कार्यक्रम में किया प्रतिभाग
  • मुख्यमंत्री ने उत्तराखण्ड पुलिस के नवीन गौरव चिह्नों का किया अनावरण
  • Advertise
© 2023 Devbhumi Discover. All Rights Reserved. | Designed By: Tech Yard Labs
Reading: स्थानीय उत्पादों, हस्तशिल्प और पारंपरिक व्यंजनों को वैश्विक पहचान दिलाने के लिए सरकार प्रतिबद्धः मुख्यमंत्री
Share
Notification Show More
Font ResizerAa
Devbhumi DiscoverDevbhumi Discover
Font ResizerAa
  • उत्तरप्रदेश
  • उत्तराखण्ड
  • क्राइम
  • खेल
  • दुनिया
  • देश
  • धर्म
  • पर्यटन
  • E-Paper
  • राजनीति
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
Search
  • उत्तरप्रदेश
  • उत्तराखण्ड
  • क्राइम
  • खेल
  • दुनिया
  • देश
  • धर्म
  • पर्यटन
  • E-Paper
  • राजनीति
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
Follow US
  • Advertise
© 2023 Devbhumi Discover. All Rights Reserved. | Designed By: Tech Yard Labs
Devbhumi Discover > उत्तराखण्ड > स्थानीय उत्पादों, हस्तशिल्प और पारंपरिक व्यंजनों को वैश्विक पहचान दिलाने के लिए सरकार प्रतिबद्धः मुख्यमंत्री
उत्तराखण्डदेहरादूनदेहरादूनराज्य समाचार

स्थानीय उत्पादों, हस्तशिल्प और पारंपरिक व्यंजनों को वैश्विक पहचान दिलाने के लिए सरकार प्रतिबद्धः मुख्यमंत्री

Devbhumi Discover
Last updated: October 31, 2026 6:21 PM
Devbhumi Discover
Share
8 Min Read
SHARE

देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शनिवार को रेंजर्स कॉलेज ग्राउंड, देहरादून में अखिल गढ़वाल सभा, देहरादून द्वारा आयोजित उत्तराखंड कौथिक-2026 में प्रतिभाग किया। इस अवसर पर उन्होंने प्रदेश की समृद्ध लोकसंस्कृति, परंपराओं और सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण एवं संवर्धन के लिए अखिल गढ़वाल सभा के प्रयासों की सराहना की। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड की लोकसंस्कृति हमारी पहचान ही नहीं, बल्कि हमारी आत्मा भी है। हमारी लोकभाषाएं, लोकगीत, लोकनृत्य, पारंपरिक वेशभूषा, मेले और पर्व हमारी गौरवशाली सांस्कृतिक विरासत के अभिन्न अंग हैं। इन परंपराओं को संरक्षित रखना और भावी पीढ़ी तक पहुंचाना हम सभी का सामूहिक दायित्व है। मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड कौथिक जैसे आयोजन हमारी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को जीवंत बनाए रखने के साथ ही नई पीढ़ी को अपनी जड़ों, भाषा और परंपराओं से जोड़ने का महत्वपूर्ण माध्यम हैं। ऐसे आयोजनों से प्रदेश की लोककलाओं, पारंपरिक वेशभूषा, हस्तशिल्प, कारीगरी और खानपान को करीब से जानने-समझने का अवसर मिलता है। उन्होंने महोत्सव में विभिन्न स्टॉलों के माध्यम से प्रदर्शित किए गए पारंपरिक हस्तशिल्प, जैविक उत्पादों और उत्तराखंडी व्यंजनों की सराहना करते हुए कहा कि इस प्रकार के प्रयास स्थानीय उत्पादों को प्रोत्साहित करने और उन्हें व्यापक पहचान दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में राज्य सरकार ‘विकास भी, विरासत भी’ के मूलमंत्र को आत्मसात करते हुए प्रदेश के समग्र विकास के साथ-साथ इसकी सांस्कृतिक और आध्यात्मिक विरासत के संरक्षण के लिए निरंतर कार्य कर रही है। इसी सोच के अनुरूप केदारनाथ और बद्रीनाथ धाम में पुनर्विकास के कार्यों के माध्यम से श्रद्धालुओं के लिए सुविधाओं का विस्तार किया जा रहा है। साथ ही धार्मिक पर्यटन को स्थानीय अर्थव्यवस्था और रोजगार से जोड़ने के प्रयास भी किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि वाइब्रेंट विलेज कार्यक्रम के अंतर्गत सीमांत क्षेत्रों में सड़क, बिजली, दूरसंचार, पर्यटन और आजीविका से जुड़ी सुविधाओं को सुदृढ़ किया जा रहा है, ताकि सीमांत क्षेत्रों का समग्र विकास सुनिश्चित हो सके।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार का संकल्प है कि उत्तराखंड के युवाओं और स्थानीय नागरिकों को रोजगार के लिए अपने घर और गांव से दूर न जाना पड़े, बल्कि उन्हें अपने ही क्षेत्र में आगे बढ़ने के पर्याप्त अवसर उपलब्ध हों। इसी उद्देश्य से स्थानीय उत्पादों, स्वरोजगार और उद्यमिता को बढ़ावा दिया जा रहा है। ‘एक जनपद, दो उत्पाद’ और ‘हाउस ऑफ हिमालयाज’ जैसी पहलों के माध्यम से उत्तराखंड के स्थानीय उत्पादों को बेहतर बाजार और व्यापक पहचान उपलब्ध कराई जा रही है। वहीं, होम-स्टे योजना, कृषि, बागवानी, पशुपालन, दुग्ध उत्पादन, मधुमक्खी पालन, सुगंधित पौधों तथा स्थानीय मसालों की खेती को प्रोत्साहित कर ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती प्रदान की जा रही है।
उन्होंने कहा कि ‘वेड इन उत्तराखंड’, शीतकालीन पर्यटन और एडवेंचर टूरिज्म जैसी पहलों के माध्यम से प्रदेश में वर्षभर पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा देने की दिशा में काम किया जा रहा है। इससे स्थानीय युवाओं, उद्यमियों, होटल व्यवसायियों, होम-स्टे संचालकों और छोटे कारोबारियों के लिए रोजगार एवं स्वरोजगार के नए अवसर सृजित हो रहे हैं। सरकार पर्वतीय क्षेत्रों में पर्यटन के साथ-साथ आयुष, वेलनेस, आईटी और सौर ऊर्जा जैसे क्षेत्रों में निवेश की संभावनाओं को भी विस्तार दे रही है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड की मातृशक्ति प्रदेश की ग्रामीण अर्थव्यवस्था की सबसे बड़ी ताकत है। राज्य सरकार महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त और आत्मनिर्भर बनाने के लिए निरंतर प्रयास कर रही है। इसी का परिणाम है कि ‘लखपति दीदी’ अभियान के तहत प्रदेश की 3 लाख से अधिक महिलाएं लखपति दीदी बन चुकी हैं। स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाएं स्थानीय उत्पादों, पहाड़ी व्यंजनों, हस्तशिल्प, कृषि और विभिन्न लघु उद्यमों के माध्यम से अपनी आर्थिक स्थिति मजबूत करने के साथ ही ग्रामीण अर्थव्यवस्था में भी महत्वपूर्ण योगदान दे रही हैं। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड कौथिक में महिला स्वयं सहायता समूहों द्वारा लगाए गए स्थानीय उत्पादों और पारंपरिक पहाड़ी व्यंजनों के स्टॉल महिला सशक्तीकरण और आत्मनिर्भरता की इस यात्रा का प्रेरणादायी उदाहरण हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार के सतत प्रयासों से उत्तराखंड ने विभिन्न क्षेत्रों में अपनी अलग पहचान स्थापित की है। स्टार्टअप इंडिया की राज्यों की रैंकिंग में प्रदेश को ‘लीडर’ श्रेणी में स्थान प्राप्त हुआ है। नीति आयोग के एसडीजी इंडिया इंडेक्स 2023-24 में भी उत्तराखंड देश के शीर्ष प्रदर्शन करने वाले राज्यों में शामिल रहा और केरल के साथ संयुक्त रूप से सर्वोच्च स्कोर प्राप्त किया। उन्होंने कहा कि पलायन निवारण आयोग की सर्वे रिपोर्ट के अनुसार प्रदेश में रिवर्स पलायन में 44 प्रतिशत की उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है। यह इस बात का संकेत है कि प्रदेश में स्थानीय स्तर पर आजीविका और रोजगार के अवसरों में निरंतर विस्तार हो रहा है।
उन्होंने कहा कि राज्य की सिंगल विंडो सिस्टम को ‘टॉप अचीवर्स’ श्रेणी में सम्मानित किया गया है। भारत सरकार के राज्य खनन तत्परता सूचकांक में उत्तराखंड को श्रेणी-सी में देश में दूसरा स्थान प्राप्त हुआ है। इसी प्रकार लॉजिस्टिक्स परफॉर्मेंस में भी प्रदेश को ‘अचीवर्स’ श्रेणी में स्थान मिला है। ये उपलब्धियां राज्य में सुशासन, पारदर्शी व्यवस्था, निवेश के अनुकूल वातावरण और आधारभूत सुविधाओं के विकास के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाती हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि विकास की इस यात्रा में अपनी सांस्कृतिक जड़ों और परंपराओं को पीछे नहीं छोड़ा जा सकता। आधुनिकता और प्रगति के साथ अपनी लोकभाषाओं, लोककलाओं, पारंपरिक वेशभूषा, रीति-रिवाजों और सांस्कृतिक विरासत को भी समान महत्व देना आवश्यक है। उत्तराखंड की विशिष्ट पहचान को अक्षुण्ण बनाए रखने में समाज के प्रत्येक वर्ग, विशेषकर युवाओं की महत्वपूर्ण भूमिका है। उत्तराखंड कौथिक जैसे आयोजन इस दिशा में सराहनीय पहल हैं, जो हमारी सांस्कृतिक विरासत को नई पीढ़ी तक पहुंचाने के साथ ही स्थानीय कलाकारों और शिल्पकारों को मंच प्रदान करते हैं।
मुख्यमंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि अखिल गढ़वाल सभा सहित प्रदेश की विभिन्न सामाजिक एवं सांस्कृतिक संस्थाएं उत्तराखंड की लोकसंस्कृति के संरक्षण और संवर्धन में इसी प्रकार योगदान देती रहेंगी। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार उत्तराखंड को देश के श्रेष्ठ राज्यों में शामिल करने के ‘विकल्प रहित संकल्प’ के साथ आगे बढ़ रही है। इस लक्ष्य की प्राप्ति में प्रदेशवासियों का सहयोग, सहभागिता और आशीर्वाद अत्यंत महत्वपूर्ण है। इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री खजान दास, अखिल गढ़वाल सभा के पदाधिकारी, विभिन्न सामाजिक एवं सांस्कृतिक संगठनों के प्रतिनिधि, जनप्रतिनिधिगण, नरेंद्र सिंह नेगी एवं संगीता ढोंडियाल सहित अन्य लोक कलाकार, स्वयं सहायता समूहों की महिलाएं, वरिष्ठ नागरिक, युवा तथा बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक उपस्थित थे।

You Might Also Like

मुख्यमंत्री ने सरदार वल्लभभाई पटेल की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित कर दी श्रद्धांजलि

मुख्यमंत्री ने प्रदान की विभिन्न विकास योजनाओं के लिए 805 करोड़ की वित्तीय स्वीकृति

मुख्यमंत्री ने देहरादून में ‘रन फॉर यूनिटी’ कार्यक्रम में किया प्रतिभाग

मुख्यमंत्री ने उत्तराखण्ड पुलिस के नवीन गौरव चिह्नों का किया अनावरण

मुख्यमंत्री ने श्रीनगर को करोड़ों के विकास कार्यों की दी सौगात

Share This Article
Facebook Twitter Copy Link Print
Share
Previous Article मुख्यमंत्री ने प्रदान की विभिन्न विकास योजनाओं के लिए 805 करोड़ की वित्तीय स्वीकृति
Next Article मुख्यमंत्री ने सरदार वल्लभभाई पटेल की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित कर दी श्रद्धांजलि
Leave a comment Leave a comment

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Stay Connected

100FollowersLike
100FollowersFollow
100FollowersFollow
100SubscribersSubscribe
4.4kFollowersFollow
- Advertisement -
Ad imageAd image

Latest News

सूचना विभाग में 30 वर्ष की सेवा के बाद सेवानिवृत्त हुए रईस अहमद
उत्तराखण्ड देहरादून देहरादून राज्य समाचार October 31, 2026
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का उत्तराखंड दौरा स्थगित
उत्तराखण्ड देहरादून देहरादून राज्य समाचार October 30, 2026
पीएम ने उत्तराखण्ड के 8 लाख किसानों के खाते में ट्रांसफर की किसान सम्मान निधि
उत्तराखण्ड देहरादून देहरादून राज्य समाचार October 30, 2026
विरासत महोत्सव में स्कूली बच्चों के हुनर से सामने आईं आकर्षक कला कृतियां
उत्तराखण्ड देहरादून देहरादून राज्य समाचार October 30, 2026
Devbhumi DiscoverDevbhumi Discover
Follow US
© 2023 Devbhumi Discover. All Rights Reserved. | Designed By: Tech Yard Labs
Welcome Back!

Sign in to your account

Lost your password?