गोपेश्वर।
सरकारी एक्सप्लोसिव मैगजीन से विस्फोटक सामग्री चोरी के मामले में पुलिस ने चार विधि-विवादित किशोरों को संरक्षण में लेते हुए बड़ी सफलता हासिल की है। लोक निर्माण विभाग कर्णप्रयाग के सहायक अभियंता मयंक तिवारी की 10 जनवरी को दी गई तहरीर के आधार पर कोतवाली कर्णप्रयाग में मामला दर्ज किया गया था। तहरीर में बताया गया कि 8 जनवरी को चेकिंग के दौरान मैगजजीन से 1399 डेटोनेटर और 25 मीटर फ्यूज वायर चोरी होने का पता चला।
घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस उपाधीक्षक मदन सिंह बिष्ट ने मौके का निरीक्षण किया, जबकि पुलिस अधीक्षक सुरजीत सिंह पंवार के निर्देश पर धारा 305 (ड) बीएनएस के तहत मामला पंजीकृत कर क्षेत्राधिकारी त्रिवेंद्र सिंह राणा के पर्यवेक्षण में विशेष टीम गठित की गई। जांच में सामने आया कि अज्ञात चोरों ने पत्थरों से ताला तोड़कर वारदात को अंजाम दिया।
वरिष्ठ उप निरीक्षक संजय नेगी ने बताया कि तकनीकी जांच और सीसीटीवी फुटेज के विश्लेषण में 17 दिसंबर को चार नाबालिग पंच पुलिया क्षेत्र और नदी की ओर थैले ले जाते दिखाई दिए। मुखबिरों की मदद से पहचान होने पर पूछताछ में किशोरों ने चोरी की बात स्वीकार की। उन्होंने बताया कि डेटोनेटर और फ्यूज वायर का उपयोग नदी में मछली मारने और पटाखों की तरह फोड़ने में किया गया।
किशोरों की निशानदेही पर 15 जनवरी को पंच पुलिया नगर पालिका डंपिंग जोन के नीचे नदी तट से 239 डेटोनेटर और एक बंडल फ्यूज वायर बरामद किया गया। जांच में यह भी सामने आया कि कुछ तारों को जलाकर नष्ट कर दिया गया था। चारों किशोरों को धारा 305 (ड)/331/3, 317 (2)/3 (5) बीएनएस के तहत संरक्षण में लेकर किशोर न्यायालय में पेश किया जा रहा है।
पुलिस अधीक्षक सुरजीत सिंह पंवार ने मामले का सफल खुलासा करने वाली टीम की सराहना करते हुए उन्हें 2500 रुपये का पारितोषिक प्रदान किया।

