By using this site, you agree to the Privacy Policy and Terms of Use.
Accept
Devbhumi DiscoverDevbhumi DiscoverDevbhumi Discover
  • उत्तरप्रदेश
  • उत्तराखण्ड
  • क्राइम
  • खेल
  • दुनिया
  • देश
  • धर्म
  • पर्यटन
  • E-Paper
  • राजनीति
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
Search
Recent Posts
  • यूसीसी, नकल विरोधी कानून के जरिए देश के सामने पेश किया सुशासन का मॉडल
  • सड़क, रेल, रोपवे, सिंचाई और पेयजल से जुड़ी कई परियोजनाओं को मिली गति
  • प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने चार वर्ष के कार्यकाल पर दी राज्य सरकार को बधाई
  • Suniye Sarkar 23-29th March 2026
  • विश्व जल दिवस पर संदेश: पानी बचाएं, भविष्य सुरक्षित करें
  • Advertise
© 2023 Devbhumi Discover. All Rights Reserved. | Designed By: Tech Yard Labs
Reading: यूसीसी, नकल विरोधी कानून के जरिए देश के सामने पेश किया सुशासन का मॉडल
Share
Notification Show More
Font ResizerAa
Devbhumi DiscoverDevbhumi Discover
Font ResizerAa
  • उत्तरप्रदेश
  • उत्तराखण्ड
  • क्राइम
  • खेल
  • दुनिया
  • देश
  • धर्म
  • पर्यटन
  • E-Paper
  • राजनीति
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
Search
  • उत्तरप्रदेश
  • उत्तराखण्ड
  • क्राइम
  • खेल
  • दुनिया
  • देश
  • धर्म
  • पर्यटन
  • E-Paper
  • राजनीति
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
Follow US
  • Advertise
© 2023 Devbhumi Discover. All Rights Reserved. | Designed By: Tech Yard Labs
Devbhumi Discover > उत्तराखण्ड > यूसीसी, नकल विरोधी कानून के जरिए देश के सामने पेश किया सुशासन का मॉडल
उत्तराखण्डराज्य समाचार

यूसीसी, नकल विरोधी कानून के जरिए देश के सामने पेश किया सुशासन का मॉडल

Devbhumi Discover
Last updated: March 23, 2026 1:40 pm
Devbhumi Discover
Share
4 Min Read
SHARE
  • साहसिक फैसलों से राष्ट्रीय फलक पर छाए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी
  • यूसीसी, नकल विरोधी कानून के जरिए देश के सामने पेश किया सुशासन का मॉडल

उत्तराखंड की राजनीति में बीते चार वर्षों का दौर केवल विकास योजनाओं तक सीमित नहीं रहा, बल्कि नीतिगत फैसलों के स्तर पर भी राज्य ने राष्ट्रीय पहचान बनाई है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में राज्य सरकार ने ऐसे कई निर्णय लिए, जिन्होंने न केवल प्रशासनिक व्यवस्था को सुदृढ़ किया बल्कि देश के सामने एक नया मॉडल भी प्रस्तुत किया।

नकल विरोधी कानून
सरकारी नौकरियों में नकल माफिया के कुचक्र को तोड़ने के लिए पुष्कर सिंह धामी सरकार ने फरवरी 2023 से उत्तराखंड प्रतियोगी परीक्षा (भर्ती में अनुचित साधनों की रोकथाम व निवारण के उपाय), कानून लागू कर प्रदेश और देश को एक मॉडल नकल विरोधी कानून दिया। इसके बाद से उत्तराखंड में भर्ती परीक्षाएं पारदर्शी तरीके से समय पर बिना बाधा के सम्पन्न हो रही हैं। पहले भर्तियों में औसतन दो से तीन साल का समय लग रहा था, अब औसतन एक साल में ही भर्ती प्रक्रिया पूरी हो जा रही है। इस कानून के तहत भर्ती परीक्षाओं में पेपर लीक, नकल कराने या अनुचित साधनों में संलिप्तता पाए जाने पर आजीवन कारावास की सजा का प्रावधान किया गया है। साथ में 10 करोड़ रुपये तक जुर्माना और दोषियों की संपत्ति जब्त करने का भी प्रावधान है। पारदर्शी भर्ती पक्रिया के चलते बीते चार साल में प्रदेश में 30 हजार से अधिक युवाओं का सरकारी नौकरी मिल चुकी है।
यूसीसी लागू करने वाला पहला राज्य
सरकार ने 27 जनवरी 2025 से उत्तराखंड में समान नागरिक संहिता लागू कर दी है। इसी के साथ उत्तराखंड आजाद भारत में समान नागरिक संहिता लागू करने वाला पहला राज्य बन गया है। इसके बाद देश के कई राज्यों ने इस दिशा में पहल की है। धामी सरकार ने दंगा, हड़ताल, विरोध प्रदर्शन के दौरान सार्वजनिक और निजी सम्पत्ति को नुकसान पहुंचाने वाले उपद्रवी तत्वों पर लगाम कसने के लिए 2024 से ‘उत्तराखंड लोक एवं निजी सम्पत्ति क्षति वसूली कानून’ लागू कर दिया है। इस कानून के जरिए उत्तराखंड में विरोध प्रदर्शन के दौरान सार्वजनिक और निजी सम्पत्ति को नुकसान पहुंचाने वाले उपद्रवियों से नुकसान की भरपाई, बाजार भाव के हिसाब से किए जाने का प्रावधान है।
गैंगस्टर एक्ट को बनाया सख्त
धामी सरकार ने गैंगस्टर एक्ट में संशोधन करते हुए गोवध, मानव तस्करी, बाल श्रम, बंधुआ मजदूरी, नकल माफिया, मनी लॉन्ड्रिंग जैसे अपराधों को इसके दायरे में ला दिया है। इसी तरह जबरन धर्मांतरण के खिलाफ सख्त कानून बनाया गया है, जिसमें दोष सिद्ध होने पर 10 साल की गैर-जमानती सजा और 50 हजार रुपये तक जुर्माने का प्रावधान किया गया है।
उत्तराखंड आंदोलनकारी आरक्षण
राज्य सरकार ने उत्तराखंड राज्य आंदोलनकारियों के लिए सरकारी नौकरियों में 10 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण को फिर लागू कर दिया है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आंदोलनकारी आरक्षण पर जारी कानूनी उलझन को सुलझाकर वर्षों से लंबित इस विधेयक को नए सिरे से विधानसभा से पारित करवाया। यह कानून 11 अगस्त 2004 की तिथि से लागू किए जाने के फलस्वरूप विभिन्न राज्याधीन सेवाओं व पदों पर चयनित राज्य आंदोलनकारियों की गई नियुक्तियां वैध मानी जाएंगी।
बड़े फैसले, बड़ा संदेश
नकल विरोधी कानून से भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता
समान नागरिक संहिता लागू करने वाला पहला राज्य
दंगाइयों से वसूली के लिए विशेष कानून
गैंगस्टर एक्ट और धर्मांतरण कानून को सख्त बनाया

You Might Also Like

सड़क, रेल, रोपवे, सिंचाई और पेयजल से जुड़ी कई परियोजनाओं को मिली गति

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने चार वर्ष के कार्यकाल पर दी राज्य सरकार को बधाई

विश्व जल दिवस पर संदेश: पानी बचाएं, भविष्य सुरक्षित करें

CM धामी ने ‘उत्तराखंड की मिट्टी से जननायक’ पंचांग कैलेंडर का विमोचन किया

पूरा हो रहा देवभूमि का गौरव पुनर्स्थापित करने का संकल्प: सीएम धामी

TAGGED:Presented a model of good governanceto the country through UCC and anti-copying laws.
Share This Article
Facebook Twitter Copy Link Print
Share
Previous Article सड़क, रेल, रोपवे, सिंचाई और पेयजल से जुड़ी कई परियोजनाओं को मिली गति
Leave a comment Leave a comment

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Stay Connected

100FollowersLike
100FollowersFollow
100FollowersFollow
100SubscribersSubscribe
4.4kFollowersFollow
- Advertisement -
Ad imageAd image

Latest News

Suniye Sarkar 23-29th March 2026
ई-पेपर March 23, 2026
देहरादून परेड ग्राउंड में विकास की बड़ी घोषणा, 74 योजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास
उत्तराखण्ड राज्य समाचार March 23, 2026
दून में महिला डॉक्टर से मारपीट, सर्जन पति समेत ससुराल पक्ष पर केस
उत्तराखण्ड क्राइम March 23, 2026
धामी सरकार के 4 साल, X पर ट्रेंड करता रहा हैशटैग
उत्तराखण्ड राज्य समाचार March 23, 2026
Devbhumi DiscoverDevbhumi Discover
Follow US
© 2023 Devbhumi Discover. All Rights Reserved. | Designed By: Tech Yard Labs
Welcome Back!

Sign in to your account

Lost your password?