By using this site, you agree to the Privacy Policy and Terms of Use.
Accept
Devbhumi DiscoverDevbhumi DiscoverDevbhumi Discover
  • उत्तरप्रदेश
  • उत्तराखण्ड
  • क्राइम
  • खेल
  • दुनिया
  • देश
  • धर्म
  • पर्यटन
  • E-Paper
  • राजनीति
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
Search
Recent Posts
  • पूर्व सीएम बोले– यूसीसी सनातन के खिलाफ, भाजपा के पास सकारात्मक एजेंडा नहीं
  • कांग्रेस विधायक पर कार्यकर्ता को धमकाने का आरोप, ऑडियो वायरल
  • नई टिहरी में पीआईबी की एक दिवसीय मीडिया कार्यशाला ‘वार्तालाप’ का आयोजन
  • मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने 1035 सहायक अध्यापकों को प्रदान किए नियुक्ति पत्र
  • कैबिनेट के अहम फैसले: परियोजनाओं के लिए सहमति आधारित भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया को मंजूरी
  • Advertise
© 2023 Devbhumi Discover. All Rights Reserved. | Designed By: Tech Yard Labs
Reading: डेढ़ दिन में सिमटा उत्तराखंड विधानसभा का मानसून सत्र
Share
Notification Show More
Font ResizerAa
Devbhumi DiscoverDevbhumi Discover
Font ResizerAa
  • उत्तरप्रदेश
  • उत्तराखण्ड
  • क्राइम
  • खेल
  • दुनिया
  • देश
  • धर्म
  • पर्यटन
  • E-Paper
  • राजनीति
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
Search
  • उत्तरप्रदेश
  • उत्तराखण्ड
  • क्राइम
  • खेल
  • दुनिया
  • देश
  • धर्म
  • पर्यटन
  • E-Paper
  • राजनीति
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
Follow US
  • Advertise
© 2023 Devbhumi Discover. All Rights Reserved. | Designed By: Tech Yard Labs
Devbhumi Discover > उत्तराखण्ड > डेढ़ दिन में सिमटा उत्तराखंड विधानसभा का मानसून सत्र
उत्तराखण्ड

डेढ़ दिन में सिमटा उत्तराखंड विधानसभा का मानसून सत्र

Devbhumi Discover
Last updated: August 21, 2025 8:12 am
Devbhumi Discover
Share
3 Min Read
SHARE

भराड़ीसैंण (चमोली) :  उत्तराखंड विधानसभा का चार दिवसीय मानसून सत्र, जो 19 अगस्त से 22 अगस्त तक चलना था, हंगामे और विपक्ष के तीव्र विरोध के चलते महज लगभग 2 घंटे 40 मिनट की कार्यवाही के बाद अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दिया गया। इस अल्प अवधि में 9 महत्वपूर्ण विधेयक ध्वनिमत से पारित कर दिए गए और 5315 करोड़ रुपये का अनुपूरक बजट भी मंजूर हो गया।

पारित हुए 9 विधेयकों की सूची एवं प्रमुख बिंदु

  • उत्तराखंड अनुपूरक विनियोग विधेयक, 2025 – अतिरिक्त वित्तीय व्यवस्था हेतु; 5315 करोड़ रुपये की राशि शामिल।
  • श्री बदरीनाथ एवं श्री केदारनाथ मंदिर (संशोधन) विधेयक, 2025 – धर्मस्थल से जुड़े प्रावधानों का संशोधन।
  •  धर्म स्वतंत्रता और विधि-विरुद्ध धर्म परिवर्तन (संशोधन) विधेयक, 2025 – जबरन धर्मांतरण पर उम्रकैद तक की सजा और 10 लाख रुपये तक जुर्माना, संपत्ति जब्ती और बिना वारंट गिरफ्तारी का प्रावधान।
  • निजी विश्वविद्यालय (संशोधन) विधेयक, 2025 – निजी विश्वविद्यालयों के लिए नियमन संबंधी संशोधन।
  •  साक्षी संरक्षण निरसन विधेयक, 2025 – गवाह सुरक्षा कानून का निरसन/संशोधन।
  • अल्पसंख्यक शिक्षा विधेयक, 2025 – सभी अल्पसंख्यक समुदायों के लिए एक प्राधिकरण स्थापित; मदरसों को मान्यता।
  • समान नागरिक संहिता (संशोधन) विधेयक, 2025 – लिव-इन रिलेशनशिप में रहने वालों के लिए दंड वृद्धि।
  • पंचायती राज (संशोधन) विधेयक, 2025 – पंचायत राज संस्थाओं में संशोधन।
  • लोकतंत्र सेनानी सम्मान विधेयक, 2025 – लोकतंत्र के लिए योगदान करने वालों को सम्मान देने का प्रावधान।

तथ्य और विश्लेषण 

चार दिन का सत्र महज़ डेढ़ दिन में क्यों निपटा?

चार दिवसीय सत्र को केवल डेढ़ दिन में समाप्त करना—मतलब करीब 2 घंटे 40 मिनट की कार्यवाही—विधायी प्रक्रिया पर गंभीर प्रश्न खड़े करता है। सदन का मुख्य उद्देश्य बहस और विमर्श है, लेकिन इस बार विधेयक बिना व्यापक चर्चा के पारित हो गए।

लोकतांत्रिक परंपरा पर प्रभाव

विधेयकों को इतनी जल्दबाज़ी में पारित करना लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं की अनदेखी माना जा सकता है। सामान्यत: अपेक्षा की जाती है कि प्रस्तावित विधेयकों पर विपक्ष और सत्ता पक्ष दोनों मिलकर विस्तृत चर्चा करें, ताकि आमजन तक उसके सभी पहलू स्पष्ट हों।

विपक्ष का प्रदर्शन

कांग्रेस विधायकों ने बेरोजगारी, भ्रष्टाचार और आपदा प्रबंधन जैसे मुद्दों पर सरकार को घेरते हुए सदन में विरोध जताया। धरना, नारेबाजी और बहिर्गमन के चलते माहौल तनावपूर्ण रहा। विपक्ष का आरोप है कि सरकार ने उनकी आवाज दबाकर विधेयकों को पारित किया, वहीं सत्ता पक्ष का दावा है कि जनहित को ध्यान में रखते हुए आवश्यक विधेयक पारित करना जरूरी था।

मानसून सत्र का इस तरह अल्प समय में समाप्त होना न केवल राजनीतिक बहस को जन्म देता है, बल्कि लोकतांत्रिक कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े करता है। सवाल यह है कि क्या तेज़ी से विधेयक पारित करना विकास के लिए आवश्यक था या फिर इससे लोकतांत्रिक विमर्श की गुणवत्ता पर आँच आई।

You Might Also Like

पूर्व सीएम बोले– यूसीसी सनातन के खिलाफ, भाजपा के पास सकारात्मक एजेंडा नहीं

कांग्रेस विधायक पर कार्यकर्ता को धमकाने का आरोप, ऑडियो वायरल

नई टिहरी में पीआईबी की एक दिवसीय मीडिया कार्यशाला ‘वार्तालाप’ का आयोजन

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने 1035 सहायक अध्यापकों को प्रदान किए नियुक्ति पत्र

कैबिनेट के अहम फैसले: परियोजनाओं के लिए सहमति आधारित भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया को मंजूरी

Share This Article
Facebook Twitter Copy Link Print
Share
Previous Article 9वीं के छात्र ने शिक्षक को मारी गोली, निजी अस्पताल में चल रहा इलाज
Next Article केंद्र से यूपीसीएल को ₹547.73 करोड़ की मंजूरी
Leave a comment Leave a comment

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Stay Connected

100FollowersLike
100FollowersFollow
100FollowersFollow
100SubscribersSubscribe
4.4kFollowersFollow
- Advertisement -
Ad imageAd image

Latest News

राज्य के ऊँचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी एवं हिमस्खलन की चेतावनी, खतरे की श्रेणी घोषित
उत्तराखण्ड January 28, 2026
उत्तराखंड के आपदा मित्रों ने कर्तव्य पथ पर RDC-2026 में बढ़ाया राज्य का मान
उत्तराखण्ड January 28, 2026
अजीत पवार के विमान दुर्घटना में निधन पर सीएम धामी ने जताया शोक
उत्तराखण्ड January 28, 2026
सीएम धामी के नेतृत्व में जनसेवा का रिकॉर्ड, 474 कैंपों से 3.77 लाख से अधिक लोग लाभान्वित
उत्तराखण्ड January 28, 2026
Devbhumi DiscoverDevbhumi Discover
Follow US
© 2023 Devbhumi Discover. All Rights Reserved. | Designed By: Tech Yard Labs
Welcome Back!

Sign in to your account

Lost your password?