By using this site, you agree to the Privacy Policy and Terms of Use.
Accept
Devbhumi DiscoverDevbhumi DiscoverDevbhumi Discover
  • उत्तरप्रदेश
  • उत्तराखण्ड
  • क्राइम
  • खेल
  • दुनिया
  • देश
  • धर्म
  • पर्यटन
  • E-Paper
  • राजनीति
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
Search
Recent Posts
  • चिंतन शिविर के दूसरे दिन विकसित उत्तराखंड @2047 पर ठोस रणनीतियों को लेकर मंथन
  • सचिव आपदा प्रबंधन ने की राज्य में बारिश तथा बर्फबारी से उत्पन्न स्थिति की समीक्षा
  • गणतंत्र दिवस राज्य स्तरीय समारोह के लिए सूचना विभाग की आकर्षक झांकी तैयार
  • मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में जनकल्याणकारी अभियानों को मिल रही नई गति
  • 27 जनवरी को राज्यभर में मनाया जाएगा ‘यूसीसी दिवस’ – सीएम धामी
  • Advertise
© 2023 Devbhumi Discover. All Rights Reserved. | Designed By: Tech Yard Labs
Reading: उत्तराखंड के सरकारी स्कूलों में शिक्षा संकट: एक शिक्षक पर कई विषयों का बोझ, गुणवत्ता पर उठे गंभीर सवाल।
Share
Notification Show More
Font ResizerAa
Devbhumi DiscoverDevbhumi Discover
Font ResizerAa
  • उत्तरप्रदेश
  • उत्तराखण्ड
  • क्राइम
  • खेल
  • दुनिया
  • देश
  • धर्म
  • पर्यटन
  • E-Paper
  • राजनीति
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
Search
  • उत्तरप्रदेश
  • उत्तराखण्ड
  • क्राइम
  • खेल
  • दुनिया
  • देश
  • धर्म
  • पर्यटन
  • E-Paper
  • राजनीति
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
Follow US
  • Advertise
© 2023 Devbhumi Discover. All Rights Reserved. | Designed By: Tech Yard Labs
Devbhumi Discover > उत्तराखण्ड > उत्तराखंड के सरकारी स्कूलों में शिक्षा संकट: एक शिक्षक पर कई विषयों का बोझ, गुणवत्ता पर उठे गंभीर सवाल।
उत्तराखण्ड

उत्तराखंड के सरकारी स्कूलों में शिक्षा संकट: एक शिक्षक पर कई विषयों का बोझ, गुणवत्ता पर उठे गंभीर सवाल।

Devbhumi Discover
Last updated: January 20, 2026 9:16 am
Devbhumi Discover
Share
3 Min Read
SHARE

 देहरादून:

उत्तराखंड के सरकारी विद्यालयों में शिक्षा की गुणवत्ता को लेकर एक बार फिर गंभीर चिंता सामने आई है। राष्ट्रीय सेमिनार में प्रस्तुत एक शोधपत्र में खुलासा हुआ है कि प्रदेश के कई सरकारी स्कूलों में एक ही शिक्षक कई–कई विषय पढ़ाने को मजबूर है, जिसके चलते विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा नहीं मिल पा रही है।
चंपावत में आयोजित दो दिवसीय राष्ट्रीय सेमिनार में राजनीति विज्ञान के प्रवक्ता डॉ. अंकित जोशी द्वारा प्रस्तुत शोधपत्र में कहा गया कि उत्तराखंड सहित देश के अनेक राज्यों में विद्यालयों तक भौतिक पहुंच तो लगभग सुनिश्चित हो चुकी है, लेकिन गुणवत्तापूर्ण और समान शिक्षा अब भी बड़ी चुनौती बनी हुई है।
शोध में सामने आया है कि ‘परख’ की शुरुआती रिपोर्टों के अनुसार प्रदेश के बच्चों में भाषा, गणित और तर्क–क्षमता से जुड़े मूलभूत कौशल कमजोर हैं। बड़ी संख्या में छात्र अपनी कक्षा से नीचे के स्तर का पाठ भी ठीक से नहीं पढ़ पा रहे। वहीं, पीजीआई सूचकांक में भी उत्तराखंड को सीखने के परिणाम, शैक्षिक प्रबंधन और संसाधन विकास के क्षेत्र में अपेक्षाकृत कम अंक मिले हैं।
नामांकन में गिरावट, पहाड़ों में हालात ज्यादा गंभीर
शोधपत्र में बताया गया कि राज्य के कई प्राथमिक विद्यालय शून्य नामांकन की स्थिति में पहुंच चुके हैं, जबकि माध्यमिक और उच्च माध्यमिक विद्यालयों में औसतन छात्र संख्या 40–50 रह गई है। गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के अभाव में अभिभावक निजी स्कूलों और मैदानी क्षेत्रों की ओर पलायन कर रहे हैं।
स्कूल कॉम्प्लेक्स नीति पर भी सवाल
नई शिक्षा नीति के तहत स्कूल कॉम्प्लेक्स की अवधारणा को सहयोग और संसाधन साझाकरण के लिए लाया गया था, लेकिन उत्तराखंड में इसे विद्यालयों के विलय के रूप में लागू किया जा रहा है, जिससे दूरस्थ क्षेत्रों के छात्रों की स्कूल तक पहुंच और कठिन हो गई है।
शैक्षिक गिरावट की प्रमुख वजहें
विषय–विशेषज्ञ शिक्षकों की भारी कमी
प्रयोगशालाओं, पुस्तकालयों और डिजिटल संसाधनों का अभाव
कमजोर प्रारंभिक साक्षरता और गणितीय क्षमता
स्थानीय भाषा और शिक्षा की भाषा के बीच अंतर
समाधान भी सुझाए
शोधपत्र में सीखने के परिणामों को केंद्र में रखकर शिक्षा की पुनर्रचना, कक्षावार–विषयवार शिक्षकों की नियुक्ति और पर्वतीय क्षेत्रों के लिए विशेष प्रोत्साहन नीति लागू करने की सिफारिश की गई है।
शोध के निष्कर्ष स्पष्ट संकेत देते हैं कि यदि समय रहते ठोस कदम नहीं उठाए गए, तो उत्तराखंड में सरकारी शिक्षा व्यवस्था और अधिक कमजोर हो सकती है।

You Might Also Like

चिंतन शिविर के दूसरे दिन विकसित उत्तराखंड @2047 पर ठोस रणनीतियों को लेकर मंथन

सचिव आपदा प्रबंधन ने की राज्य में बारिश तथा बर्फबारी से उत्पन्न स्थिति की समीक्षा

गणतंत्र दिवस राज्य स्तरीय समारोह के लिए सूचना विभाग की आकर्षक झांकी तैयार

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में जनकल्याणकारी अभियानों को मिल रही नई गति

27 जनवरी को राज्यभर में मनाया जाएगा ‘यूसीसी दिवस’ – सीएम धामी

TAGGED:Education crisis in Uttarakhand government schools:One teacher burdened with multiple subjectsserious questions raised on quality.
Share This Article
Facebook Twitter Copy Link Print
Share
Previous Article देहरादून शहर की बढ़ती समस्याओं पर होगी खुली चर्चा
Next Article उत्तराखंड में ग्लेशियर लेक अध्ययन को नई दिशा, वाडिया इंस्टीट्यूट नोडल एजेंसी नामित
Leave a comment Leave a comment

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Stay Connected

100FollowersLike
100FollowersFollow
100FollowersFollow
100SubscribersSubscribe
4.4kFollowersFollow
- Advertisement -
Ad imageAd image

Latest News

मुख्यमंत्री धामी ने किया कैंचीधाम बाईपास का स्थलीय निरीक्षण, यात्रा सीजन से पूर्व कार्य पूर्ण करने के निर्देश
उत्तराखण्ड January 25, 2026
सीएम धामी ने 8वें ज्योतिष महाकुम्भ में की शिरकत
उत्तराखण्ड January 25, 2026
19 अप्रैल को खुलेंगे गंगोत्री-यमुनोत्री धाम के कपाट, 23 अप्रैल को बदरीनाथ धाम
उत्तराखण्ड January 24, 2026
सीएम धामी ने बाल विवाह मुक्ति रथ को दिखाई हरी झंडी
उत्तराखण्ड January 24, 2026
Devbhumi DiscoverDevbhumi Discover
Follow US
© 2023 Devbhumi Discover. All Rights Reserved. | Designed By: Tech Yard Labs
Welcome Back!

Sign in to your account

Lost your password?