By using this site, you agree to the Privacy Policy and Terms of Use.
Accept
Devbhumi DiscoverDevbhumi DiscoverDevbhumi Discover
  • उत्तरप्रदेश
  • उत्तराखण्ड
  • क्राइम
  • खेल
  • दुनिया
  • देश
  • धर्म
  • पर्यटन
  • E-Paper
  • राजनीति
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
Search
Recent Posts
  • उत्तराखंड में न्यायालय परिसरों की सुरक्षा होगी और मजबूत, पुलिस मुख्यालय सख्त
  • संवेदनशील परीक्षा केन्द्रों पर अतिरिक्त सतर्कता बरतने के निर्देश
  • टिहरी में रिश्तों को शर्मसार करने वाला अपराध, 14 वर्षीय किशोरी से दुष्कर्म
  • आगामी कुंभ मेला के दृष्टिगत ऋषिकेश में त्रिवेणी घाट, चंद्रभागा ब्रिज व आस्था पथ परियोजनाओं की EFC समीक्षा
  • नशामुक्त उत्तराखंड-नशामुक्त भारतः समाज की सामूहिक भागीदारी से ही सफल होगाः मुख्य सचिव
  • Advertise
© 2023 Devbhumi Discover. All Rights Reserved. | Designed By: Tech Yard Labs
Reading: नशामुक्त उत्तराखंड-नशामुक्त भारतः समाज की सामूहिक भागीदारी से ही सफल होगाः मुख्य सचिव
Share
Notification Show More
Font ResizerAa
Devbhumi DiscoverDevbhumi Discover
Font ResizerAa
  • उत्तरप्रदेश
  • उत्तराखण्ड
  • क्राइम
  • खेल
  • दुनिया
  • देश
  • धर्म
  • पर्यटन
  • E-Paper
  • राजनीति
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
Search
  • उत्तरप्रदेश
  • उत्तराखण्ड
  • क्राइम
  • खेल
  • दुनिया
  • देश
  • धर्म
  • पर्यटन
  • E-Paper
  • राजनीति
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
Follow US
  • Advertise
© 2023 Devbhumi Discover. All Rights Reserved. | Designed By: Tech Yard Labs
Devbhumi Discover > उत्तराखण्ड > नशामुक्त उत्तराखंड-नशामुक्त भारतः समाज की सामूहिक भागीदारी से ही सफल होगाः मुख्य सचिव
उत्तराखण्ड

नशामुक्त उत्तराखंड-नशामुक्त भारतः समाज की सामूहिक भागीदारी से ही सफल होगाः मुख्य सचिव

Devbhumi Discover
Last updated: February 20, 2026 9:18 am
Devbhumi Discover
Share
4 Min Read
SHARE
नशामुक्त उत्तराखंड-नशामुक्त भारतः समाज की सामूहिक भागीदारी से ही सफल होगाः मुख्य सचिव

मुख्य सचिव आनंद बर्धन की अध्यक्षता में सचिवालय सभागार में शैक्षणिक व तकनीकी संस्थानों, सिविल सोसाइटी, गैर सरकारी संगठनों, कॉलेजों तथा युवा केंद्रित प्रशिक्षण प्रदाता संस्थानों के साथ नशामुक्त उत्तराखंड-नशामुक्त भारत अभियान के प्रभावी क्रियान्वयन हेतु कार्यशाला आयोजित की गई।
मुख्य सचिव ने स्पष्ट कहा कि नशामुक्ति का रोडमैप केवल सरकारी प्रयासों से सफल नहीं हो सकता। इसके लिए समाज, शिक्षण संस्थानों, अभिभावकों और सिविल सोसाइटी की सक्रिय भागीदारी आवश्यक है। सामूहिक एवं व्यक्तिगत जिम्मेदारी निभाते हुए ही इस सामाजिक बुराई का उन्मूलन संभव है, ताकि युवाओं को सुरक्षित रखते हुए विकसित भारत के निर्माण में उनकी सक्रिय भूमिका सुनिश्चित की जा सके।
संस्थान सच्चाई स्वीकारें, छुपाएं नहीं-नियमित ट्रैकिंग और मॉनिटरिंग अनिवार्य

मुख्य सचिव ने निर्देश दिए कि कोई भी संस्थान नशे के आदी छात्र की जानकारी न छुपाए। संस्थानों से एक सुदृढ़ एक्शन प्लान बनाने के लिए सुझाव मांगे गए तथा पूछा गया कि सरकार से उन्हें किस प्रकार के सहयोग की आवश्यकता है।

उन्होंने विशेष रूप से नए प्रवेश लेने वाले एवं पीजी/हॉस्टल में रहने वाले छात्रों की नियमित ट्रैकिंग करने, गलत संगति की पहचान करने और समय रहते परामर्श एवं उपचार की व्यवस्था सुनिश्चित करने पर बल दिया। उन्होंने कहा कि संस्थान की छवि से अधिक महत्वपूर्ण बच्चों का भविष्य है, इसलिए किसी भी स्थिति को छुपाने का प्रयास न किया जाए।

सूचना तंत्र मजबूत करेंः टोल फ्री 1933 पर दें जानकारी, स्वास्थ्य व काउंसलिंग से जोड़ें

मुख्य सचिव ने कहा कि यदि किसी प्रकार की ड्रग्स से संबंधित जानकारी हो तो उसे टोल फ्री नंबर 1933 पर अवगत कराया जा सकता है। इसके अतिरिक्त संबंधित जिला प्रशासन, एसटीएफ एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक कार्यालय को भी सूचित किया जा सकता है।
नशे के आदी युवाओं को दंडित करने के बजाय समय रहते स्वास्थ्य सेवाओं और काउंसलिंग से जोड़कर मुख्यधारा में लाना प्राथमिकता होनी चाहिए। उन्होंने ड्रग डिटेक्शन किट के उपयोग संबंधी जानकारी प्राप्त करने और जनपद स्तरीय रोडमैप तैयार करने में सभी संस्थानों से सहयोग का आग्रह किया।

अभिभावकों की भागीदारी और जनजागरूकता पर विशेष जोर


मुख्य सचिव ने कहा कि बहुत से अभिभावकों को अपने बच्चों की गतिविधियों की जानकारी नहीं होती। अतः सभी संस्थान अभिभावकों को अभियान से जोड़ें, नियमित संवाद स्थापित करें तथा सार्वजनिक मंचों पर जागरूकता और काउंसलिंग कार्यक्रम चलाएं।
उन्होंने चेतावनी दी कि यदि किसी शैक्षणिक संस्थान का छात्र सार्वजनिक स्थल पर नशे या अवैध गतिविधियों में संलिप्त पाया जाता है तो संबंधित संस्थान की जवाबदेही तय की जाएगी। जनजागरूकता और मॉनिटरिंग एक बार की प्रक्रिया नहीं, बल्कि निरंतर और परिणामोन्मुख होनी चाहिए।
मुख्य सचिव ने एसटीएफ एवं संबंधित जनपदों को निर्देश दिए कि इस विषय पर नियमित बैठकें आयोजित की जाएं तथा संस्थानों और संगठनों के सुझावों को कार्ययोजना में शामिल करते हुए जमीनी स्तर पर ठोस परिणाम सुनिश्चित किए जाएं।
एसटीएफ व जिला प्रशासन के साथ समन्वित कार्ययोजना

कार्यशाला में एसटीएफ पुलिस अधीक्षक अजय सिंह ने बताया कि शैक्षणिक संस्थान किस प्रकार एसटीएफ एवं जिला प्रशासन के साथ समन्वय स्थापित कर प्रभावी कार्रवाई कर सकते हैं।
इस अवसर पर पुलिस महानिरीक्षक नीलेश आनंद भरणे, विशेष सचिव  निवेदिता कुकरेती, जिलाधिकारी देहरादून सविन बंसल, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक देहरादून प्रमेंद्र डोभाल सहित संबंधित अधिकारी, विभिन्न तकनीकी व शैक्षणिक संस्थानों, गैर सरकारी संगठनों एवं सिविल सोसाइटी के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।

You Might Also Like

उत्तराखंड में न्यायालय परिसरों की सुरक्षा होगी और मजबूत, पुलिस मुख्यालय सख्त

संवेदनशील परीक्षा केन्द्रों पर अतिरिक्त सतर्कता बरतने के निर्देश

टिहरी में रिश्तों को शर्मसार करने वाला अपराध, 14 वर्षीय किशोरी से दुष्कर्म

आगामी कुंभ मेला के दृष्टिगत ऋषिकेश में त्रिवेणी घाट, चंद्रभागा ब्रिज व आस्था पथ परियोजनाओं की EFC समीक्षा

NABARD के RIDF फंड की उच्चाधिकार प्राप्त समिति की बैठक सम्पन्न

TAGGED:Drug-free Uttarakhand-Drug-free India:Will be successful only with collective participation of the society: Chief Secretary
Share This Article
Facebook Twitter Copy Link Print
Share
Previous Article NABARD के RIDF फंड की उच्चाधिकार प्राप्त समिति की बैठक सम्पन्न
Next Article आगामी कुंभ मेला के दृष्टिगत ऋषिकेश में त्रिवेणी घाट, चंद्रभागा ब्रिज व आस्था पथ परियोजनाओं की EFC समीक्षा
Leave a comment Leave a comment

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Stay Connected

100FollowersLike
100FollowersFollow
100FollowersFollow
100SubscribersSubscribe
4.4kFollowersFollow
- Advertisement -
Ad imageAd image

Latest News

मुख्यमंत्री ने दून हेलीड्रोम में एटीसी टावर के निर्माण हेतु प्रदान की ₹ 5.39 करोड की  स्वीकृति
उत्तराखण्ड February 20, 2026
लक्ष्यों के सापेक्ष उपलब्धियों का मूल्यांकन, राजस्व वृद्धि हेतु सुधारात्मक कदमों के निर्देश
उत्तराखण्ड February 20, 2026
‘जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार’ से आमजन को राहत: मुख्यमंत्री
उत्तराखण्ड February 20, 2026
पति को बाथरूम में बंद कर जमकर पीटा और सास की पीट-पीट कर बेरहमी से हत्या
उत्तराखण्ड क्राइम February 19, 2026
Devbhumi DiscoverDevbhumi Discover
Follow US
© 2023 Devbhumi Discover. All Rights Reserved. | Designed By: Tech Yard Labs
Welcome Back!

Sign in to your account

Lost your password?