By using this site, you agree to the Privacy Policy and Terms of Use.
Accept
Devbhumi DiscoverDevbhumi DiscoverDevbhumi Discover
  • उत्तरप्रदेश
  • उत्तराखण्ड
  • क्राइम
  • खेल
  • दुनिया
  • देश
  • धर्म
  • पर्यटन
  • E-Paper
  • राजनीति
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
Search
Recent Posts
  • डोईवाला में 60-65 बीघा जमीन पर अवैध प्लॉटिंग ध्वस्त, मैगी प्वाइंट और पुरुकुल रोड पर भी कार्रवाई
  • मुख्यमंत्री ने खटीमा में 14वें दीपावली मेले में किया प्रतिभाग
  • सुरक्षित बचपन जागरूकता अभियान के तहत लगभग 60,000 विद्यार्थियों को किया गया जागरूक
  • मुख्यमंत्री ने नगला तराई में आयोजित रामलीला में की शिरकत, भगवान श्रीराम के आदर्शों को अपनाने का किया आह्वान
  • ट्रामाडोल तस्करी गिरोह का एक और सदस्य गिरफ्तार, अब तक पांच आरोपी दबोचे
  • Advertise
© 2023 Devbhumi Discover. All Rights Reserved. | Designed By: Tech Yard Labs
Reading: प्रसिद्ध वायलिन वादक रागिनी शंकर की सुरमयी प्रस्तुति ने बांधा समां
Share
Notification Show More
Font ResizerAa
Devbhumi DiscoverDevbhumi Discover
Font ResizerAa
  • उत्तरप्रदेश
  • उत्तराखण्ड
  • क्राइम
  • खेल
  • दुनिया
  • देश
  • धर्म
  • पर्यटन
  • E-Paper
  • राजनीति
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
Search
  • उत्तरप्रदेश
  • उत्तराखण्ड
  • क्राइम
  • खेल
  • दुनिया
  • देश
  • धर्म
  • पर्यटन
  • E-Paper
  • राजनीति
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
Follow US
  • Advertise
© 2023 Devbhumi Discover. All Rights Reserved. | Designed By: Tech Yard Labs
Devbhumi Discover > उत्तराखण्ड > प्रसिद्ध वायलिन वादक रागिनी शंकर की सुरमयी प्रस्तुति ने बांधा समां
उत्तराखण्डदेहरादूनदेहरादूनराज्य समाचार

प्रसिद्ध वायलिन वादक रागिनी शंकर की सुरमयी प्रस्तुति ने बांधा समां

Devbhumi Discover
Last updated: November 1, 2026 6:59 PM
Devbhumi Discover
Share
8 Min Read
SHARE

देहरादून। गढ़ी कैंट के नींबूवाला स्थित हिमालयन सांस्कृतिक केंद्र में आयोजित विरासत महोत्सव-2026 का रविवार का दिन उत्साह, उमंग और सांस्कृतिक रंगों से सराबोर रहा। अवकाश का दिन होने के कारण महोत्सव परिसर में सुबह से ही लोगों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। लोगों ने जहां विभिन्न स्टालों पर जमकर खरीदारी की, वहीं लोककला, साहित्य, संगीत और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों का भरपूर आनंद लिया। दिन की शुरुआत आकर्षक सुपर बाइक रैली से हुई, जबकि दिनभर लोकनाट्य, कवि सम्मेलन और शास्त्रीय संगीत की प्रस्तुतियों ने दर्शकों को बांधे रखा।
सुपर बाइक रैली ने खींचा लोगों का ध्यान
महोत्सव के रविवार के कार्यक्रमों का प्रमुख आकर्षण पुरानी और उच्च क्षमता वाली मोटरसाइकिलों की सुपर बाइक रैली रही। इसमें 24 मोटरसाइकिलों ने प्रतिभाग किया। रीच संस्था की आयोजन समिति की संयुक्त सचिव विजयश्री जोशी ने हिमालयन सांस्कृतिक केंद्र से हरी झंडी दिखाकर रैली को रवाना किया। रैली में शामिल बाइक सवार गढ़ी कैंट, दिलाराम और मसूरी डायवर्जन होते हुए निर्धारित मार्ग से गुजरे। रास्ते में ब्रू कासा कैफे पर विश्राम के लिए पिट स्टॉप लिया गया। इसके बाद सभी प्रतिभागी सुरक्षित रूप से विरासत परिसर लौटे, जहां रैली का समापन हुआ। रैली को देखने के लिए मार्ग में लोगों की भीड़ जुटी रही। हाई परफॉर्मेंस मोटरसाइकिलों में नीति राज रावत और मानव शर्मा की बीएमडब्ल्यू एस-1000 आरआर विशेष आकर्षण का केंद्र रही। वहीं रॉयल एनफील्ड कॉन्टिनेंटल जीटी-650 की कई बाइकों ने भी अपनी दमदार मौजूदगी दर्ज कराई।
लोकनाट्य ‘चक्रव्यूह’ में महाभारत के प्रसंगों से पर्यावरण संरक्षण का संदेश
विरासत के मंच पर उत्तराखंड की लोकपरंपरा और पर्यावरण संरक्षण को केंद्र में रखकर प्रस्तुत लोकनाट्य ‘चक्रव्यूह’ ने दर्शकों को विशेष रूप से प्रभावित किया। डॉ. पुरोहित और सुशील पुरोहित के निर्देशन में प्रस्तुत इस नाटक में महाभारत के प्रसंगों के माध्यम से प्रकृति, पर्यावरण और मानवीय जिम्मेदारियों का संदेश दिया गया। धार्मिक और ऐतिहासिक संदर्भों को लोकसंस्कृति के साथ जोड़कर प्रस्तुत नाटक ने दर्शकों को भावनात्मक रूप से जोड़ा।
नाटक में देवान सिंह ने युधिष्ठिर, लोकेश रावत ने भीम, आशीष ने अर्जुन, प्रकाश ने नकुल, अजय ने सहदेव, अभिनव बिष्ट ने कृष्ण, अंबिका ने सुभद्रा, अंजलि ने द्रौपदी और आयुष ने अभिमन्यु की भूमिका निभाई। वहीं कौरव पक्ष में आयुष ने जयद्रथ, रिपुल ने दुर्योधन, मुकेश ने दुःशासन, विजय ने द्रोणाचार्य, रोहन ने कर्ण, सुनील ने कृपाचार्य, ओपी पुरोहित ने शल्य नरेश, कृष ने लक्ष्मण, हरीश ने शकुनि और पवन ने अश्वत्थामा का किरदार निभाया। सुशील संदेशवाहक की भूमिका में नजर आए। नाटक की प्रभावशाली प्रस्तुति में लोकवाद्यों और संगीत ने भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। अमन नेगी ने हारमोनियम, अक्षय ने हुड़का, अमन ने थाली, हरीश ने ढोल, किशोरी ने दमाऊ तथा गोपी और सुरेंद्र ने भूमकारे पर संगत दी। रसीन के बांसुरी वादन ने प्रस्तुति में लोकसंगीत की मिठास घोली। वहीं डॉ. शैलेन्द्र मैठाणी, धीरज राणा, दिव्यांशु, अमन, प्रिया राणा, रिया और आशीष ने गायन के माध्यम से नाटक को प्रभावशाली बनाया।
कवि सम्मेलन में गीत, गजल और हास्य की फुहारों से सजी महफिल
विरासत महोत्सव में रविवार को साहित्य और काव्य का भी शानदार रंग देखने को मिला। दोपहर तीन से शाम पांच बजे तक आयोजित कवि सम्मेलन में देश के विभिन्न क्षेत्रों से पहुंचे प्रतिष्ठित कवियों और शायरों ने अपनी रचनाओं से श्रोताओं को भावविभोर कर दिया। हास्य, शृंगार, ओज, गीत और गजलों की प्रस्तुतियों से पूरा वातावरण साहित्यिक रंगों में रंग गया।
दिल्ली की सुप्रसिद्ध शृंगार रस की कवयित्री डॉ. रजनी चैहान ने कवि सम्मेलन का संयोजन किया। उनके संयोजन में सजे इस काव्य मंच पर मेरठ के राष्ट्रीय कवि अरुण शर्मा, शामली के अंतरराष्ट्रीय शायर एवं साहित्यकार प्रदीप मायूस, वरिष्ठ साहित्यकार एवं गीतकार रमेश चंद्र, बड़ौत के गीतकार डॉ. निखिल चैहान श्मनश्, गजलकार गुरुदत्त तथा दिव्यांश मिश्रा ने अपनी रचनाओं से श्रोताओं की खूब वाहवाही बटोरी।
कवियों की रचनाओं में कहीं प्रेम और संवेदनाओं की कोमल अभिव्यक्ति देखने को मिली, तो कहीं हास्य और व्यंग्य ने श्रोताओं को गुदगुदाया। ओजस्वी कविताओं ने उत्साह का संचार किया, जबकि गीतों और गजलों ने महफिल को भावनात्मक ऊंचाई प्रदान की। संयोजिका डॉ. रजनी चैहान ने भी अपनी शृंगारिक और काव्यात्मक प्रस्तुतियों से श्रोताओं का मन मोह लिया। उन्होंने कहा कि विरासत जैसे प्रतिष्ठित सांस्कृतिक मंच पर कवियों और साहित्यकारों को अपनी रचनात्मक प्रतिभा प्रस्तुत करने का अवसर मिलना गौरव की बात है।
रागिनी शंकर के वायलिन वादन से सुरमयी हुई विरासत की शाम
रविवार की शाम संगीत प्रेमियों के लिए खास रही। देश की प्रसिद्ध वायलिन वादक रागिनी शंकर ने अपने शानदार वादन से विरासत के मंच को शास्त्रीय संगीत के सुरों से सजा दिया। उनके साथ तबले पर प्रख्यात संगीतकार पंडित अभिषेक मिश्रा ने संगत की। वायलिन और तबले की जुगलबंदी ने श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया।
कार्यक्रम की शुरुआत राग रागेश्री से हुई। रागिनी शंकर ने इसके विभिन्न आलाप और गतों के माध्यम से शास्त्रीय संगीत की बारीकियों और भावनात्मक गहराई को खूबसूरती से प्रस्तुत किया। इसके बाद राग भैरवी की प्रस्तुति के साथ संगीतमय संध्या का समापन हुआ। वायलिन के मधुर स्वरों और तबले की लयकारी ने उपस्थित संगीत प्रेमियों को यादगार अनुभव दिया।
रागिनी शंकर सात पीढ़ियों से चली आ रही संगीत की समृद्ध परंपरा वाले परिवार से संबंध रखती हैं और संगीतकारों की आठवीं पीढ़ी का प्रतिनिधित्व करती हैं। उन्होंने मात्र चार वर्ष की आयु में अपनी दादी पद्म विभूषण डॉ. एन. राजम और माता डॉ. संगीता शंकर के मार्गदर्शन में हिंदुस्तानी शास्त्रीय संगीत की शिक्षा प्रारंभ की थी।
वायलिन पर गायन संगीत की बारीकियों को साकार करने की विशिष्ट क्षमता के लिए पहचानी जाने वाली रागिनी शंकर देश के प्रतिष्ठित सवाई गंधर्व संगीत महोत्सव, डोवर लेन संगीत सम्मेलन और सप्तक महोत्सव सहित अनेक बड़े मंचों पर प्रस्तुति दे चुकी हैं। विदेशों में भी उन्होंने अपनी कला का प्रदर्शन किया है। उन्हें जश्न-ए-यंगिस्तान पुरस्कार, आदित्य बिरला कला किरण पुरस्कार और जया स्मृति पुरस्कार सहित कई सम्मान मिल चुके हैं। रविवार को विरासत महोत्सव में उमड़ी भीड़ और विभिन्न विधाओं की प्रस्तुतियों ने एक बार फिर साबित किया कि यह आयोजन केवल मनोरंजन का मंच नहीं, बल्कि लोकसंस्कृति, साहित्य, कला और संगीत को एक सूत्र में पिरोने वाला महत्वपूर्ण सांस्कृतिक उत्सव बन चुका है।

You Might Also Like

डोईवाला में 60-65 बीघा जमीन पर अवैध प्लॉटिंग ध्वस्त, मैगी प्वाइंट और पुरुकुल रोड पर भी कार्रवाई

मुख्यमंत्री ने खटीमा में 14वें दीपावली मेले में किया प्रतिभाग

सुरक्षित बचपन जागरूकता अभियान के तहत लगभग 60,000 विद्यार्थियों को किया गया जागरूक

मुख्यमंत्री ने नगला तराई में आयोजित रामलीला में की शिरकत, भगवान श्रीराम के आदर्शों को अपनाने का किया आह्वान

ट्रामाडोल तस्करी गिरोह का एक और सदस्य गिरफ्तार, अब तक पांच आरोपी दबोचे

Share This Article
Facebook Twitter Copy Link Print
Share
Previous Article क्षेत्र पंचायत निधि पुनः प्रारंभ करने और क्षेत्र पंचायत प्रतिनिधियों के मानदेय एवं भत्तों में वृद्धि के लिए की जाएगी कार्यवाहीः सीएम
Next Article आईफैड कार्यकारी बोर्ड के प्रतिनिधिमंडल ने सगंध पौधा केंद्र एवं रेशम निदेशालय का भ्रमण किया
Leave a comment Leave a comment

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Stay Connected

100FollowersLike
100FollowersFollow
100FollowersFollow
100SubscribersSubscribe
4.4kFollowersFollow
- Advertisement -
Ad imageAd image

Latest News

देवभूमि परिवार पोर्टल से सरकारी योजनाओं का लाभ पात्र परिवारों तक पहुंचाने में मिलेगी मदद
उत्तराखण्ड देहरादून देहरादून राज्य समाचार November 2, 2026
जन समाधान दिवस में 110 से अधिक शिकायतें दर्ज, एडीएम एवं संयुक्त मजिस्ट्रेट ने सुनीं जनसमस्याएं
उत्तराखण्ड देहरादून देहरादून राज्य समाचार November 2, 2026
आईफैड कार्यकारी बोर्ड के प्रतिनिधिमंडल ने सगंध पौधा केंद्र एवं रेशम निदेशालय का भ्रमण किया
उत्तराखण्ड देहरादून देहरादून राज्य समाचार November 1, 2026
क्षेत्र पंचायत निधि पुनः प्रारंभ करने और क्षेत्र पंचायत प्रतिनिधियों के मानदेय एवं भत्तों में वृद्धि के लिए की जाएगी कार्यवाहीः सीएम
उत्तराखण्ड देहरादून देहरादून राज्य समाचार November 1, 2026
Devbhumi DiscoverDevbhumi Discover
Follow US
© 2023 Devbhumi Discover. All Rights Reserved. | Designed By: Tech Yard Labs
Welcome Back!

Sign in to your account

Lost your password?