By using this site, you agree to the Privacy Policy and Terms of Use.
Accept
Devbhumi DiscoverDevbhumi DiscoverDevbhumi Discover
  • उत्तरप्रदेश
  • उत्तराखण्ड
  • क्राइम
  • खेल
  • दुनिया
  • देश
  • धर्म
  • पर्यटन
  • E-Paper
  • राजनीति
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
Search
Recent Posts
  • उत्तराखंड में न्यायालय परिसरों की सुरक्षा होगी और मजबूत, पुलिस मुख्यालय सख्त
  • संवेदनशील परीक्षा केन्द्रों पर अतिरिक्त सतर्कता बरतने के निर्देश
  • टिहरी में रिश्तों को शर्मसार करने वाला अपराध, 14 वर्षीय किशोरी से दुष्कर्म
  • आगामी कुंभ मेला के दृष्टिगत ऋषिकेश में त्रिवेणी घाट, चंद्रभागा ब्रिज व आस्था पथ परियोजनाओं की EFC समीक्षा
  • नशामुक्त उत्तराखंड-नशामुक्त भारतः समाज की सामूहिक भागीदारी से ही सफल होगाः मुख्य सचिव
  • Advertise
© 2023 Devbhumi Discover. All Rights Reserved. | Designed By: Tech Yard Labs
Reading: देहरादून की टोंस नदी में अंधाधुंध खनन, आपदा से भी नहीं चेते, नदी का बदल दिया स्वरूप
Share
Notification Show More
Font ResizerAa
Devbhumi DiscoverDevbhumi Discover
Font ResizerAa
  • उत्तरप्रदेश
  • उत्तराखण्ड
  • क्राइम
  • खेल
  • दुनिया
  • देश
  • धर्म
  • पर्यटन
  • E-Paper
  • राजनीति
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
Search
  • उत्तरप्रदेश
  • उत्तराखण्ड
  • क्राइम
  • खेल
  • दुनिया
  • देश
  • धर्म
  • पर्यटन
  • E-Paper
  • राजनीति
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
Follow US
  • Advertise
© 2023 Devbhumi Discover. All Rights Reserved. | Designed By: Tech Yard Labs
Devbhumi Discover > उत्तराखण्ड > देहरादून की टोंस नदी में अंधाधुंध खनन, आपदा से भी नहीं चेते, नदी का बदल दिया स्वरूप
उत्तराखण्ड

देहरादून की टोंस नदी में अंधाधुंध खनन, आपदा से भी नहीं चेते, नदी का बदल दिया स्वरूप

Devbhumi Discover
Last updated: December 18, 2025 11:03 am
Devbhumi Discover
Share
4 Min Read
SHARE

देहरादून:

सुद्धोवाला क्षेत्र में टोंस नदी पर चल रहा खनन एक बार फिर विवादों में घिर गया है। वर्षाकाल के बाद नदी में खनन सामग्री के चुगान की अनुमति मिलने के बावजूद स्थानीय लोगों ने गंभीर आरोप लगाए हैं कि अनुमति की आड़ में अनियंत्रित खुदान किया जा रहा है और नदी के प्राकृतिक प्रवाह से छेड़छाड़ कर उसका रुख कालोनी की ओर मोड़ा जा रहा है। इससे त्रिलोकपुरम सहित आसपास की बस्तियों पर भविष्य में भारी जान-माल के नुकसान का खतरा गहरा गया है।

स्थानीय लोगों का कहना है कि इसी वर्ष मानसून के दौरान टोंस नदी में आई भीषण बाढ़ ने नंदा की चौकी स्थित पुल को ध्वस्त कर दिया था। उस दौरान एक खनन कार्य में लगी ट्रैक्टर-ट्रॉली भी बह गई थी और जनहानि की घटनाएं भी सामने आई थीं। तब भी अवैध और मानकों से अधिक खनन को बाढ़ के विनाश का बड़ा कारण बताया गया था। अब मानसून के बाद खनन की अनुमति मिलते ही बड़ी संख्या में ट्रैक्टर-ट्रॉली, डंपर और जेसीबी नदी में उतार दिए गए हैं, जिससे मानकों के उल्लंघन के आरोप लग रहे हैं।

हंगामे के बाद प्रशासन मौके पर पहुंचा

बुधवार को स्थिति उस समय और गंभीर हो गई जब त्रिलोकपुरम कॉलोनी के बड़ी संख्या में निवासी नदी के बीच चल रहे खनन कार्य को रुकवाने मौके पर पहुंच गए। स्थानीय लोगों का आरोप है कि सिंचाई विभाग की अनुमति के अनुसार नदी के मध्य भाग में चैनलाइजेशन किया जाना था, लेकिन वास्तविकता में नदी का प्रवाह एक किनारे की ओर मोड़ दिया गया है, जिससे कालोनी सीधे बाढ़ के खतरे की जद में आ गई है। हंगामे की सूचना पर प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची और शिकायत की जांच का आश्वासन दिया।

बताया जा रहा है कि उपजिलाधिकारी विकासनगर, सिंचाई विभाग के अधिकारी, पुलिस चौकी झाझरा, ग्राम प्रधान और राजस्व उपनिरीक्षक की मौजूदगी में भी यह सामने आया कि कार्य स्वीकृति के अनुरूप नहीं किया जा रहा है।

जिलाधिकारी से की तत्काल हस्तक्षेप की मांग

त्रिलोकपुरम विकास समिति की ओर से जिलाधिकारी देहरादून को ज्ञापन सौंपकर मामले में त्वरित कार्रवाई की मांग की गई है। समिति के सचिव मुकेश ध्यानी ने बताया कि इस वर्ष नदी का पानी तटबंध से ऊपर होकर कालोनी के कई मकानों तक पहुंच गया था। ऐसे में यदि नदी का रुख इसी तरह बदला गया तो भविष्य में बड़ी आपदा से इनकार नहीं किया जा सकता।

ज्ञापन में यह भी उल्लेख किया गया है कि समिति के पदाधिकारियों ने मौके पर जाकर जेसीबी संचालकों और वहां मौजूद प्रतिनिधियों को नियमों के अनुसार कार्य करने को कहा, लेकिन इसके बावजूद नियमविरुद्ध खनन जारी रहा।

आंदोलन की चेतावनी

कालोनीवासियों ने प्रशासन से मांग की है कि मामले की गंभीरता को देखते हुए खनन और चैनलाइजेशन कार्य को तत्काल प्रभाव से स्थगित किया जाए। चेतावनी दी गई है कि यदि जनहित और नियमों के अनुरूप कार्रवाई नहीं की गई तो त्रिलोकपुरम विकास समिति को उग्र आंदोलन के लिए मजबूर होना पड़ेगा।

स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि समय रहते सख्त कदम नहीं उठाए गए तो टोंस नदी एक बार फिर भारी तबाही का कारण बन सकती है।

ज्ञापन में यह भी उल्लेख किया गया है कि समिति के पदाधिकारियों ने मौके पर जाकर जेसीबी संचालकों और वहां मौजूद प्रतिनिधियों को नियमों के अनुसार कार्य करने को कहा, लेकिन इसके बावजूद नियमविरुद्ध खनन जारी रहा।

 

You Might Also Like

उत्तराखंड में न्यायालय परिसरों की सुरक्षा होगी और मजबूत, पुलिस मुख्यालय सख्त

संवेदनशील परीक्षा केन्द्रों पर अतिरिक्त सतर्कता बरतने के निर्देश

टिहरी में रिश्तों को शर्मसार करने वाला अपराध, 14 वर्षीय किशोरी से दुष्कर्म

आगामी कुंभ मेला के दृष्टिगत ऋषिकेश में त्रिवेणी घाट, चंद्रभागा ब्रिज व आस्था पथ परियोजनाओं की EFC समीक्षा

नशामुक्त उत्तराखंड-नशामुक्त भारतः समाज की सामूहिक भागीदारी से ही सफल होगाः मुख्य सचिव

TAGGED:has alteredin Dehradun's Tons RiverIndiscriminate miningthe river's appearance.undeterred by the disaster
Share This Article
Facebook Twitter Copy Link Print
Share
Previous Article भूमि अभिलेखों के डिजिटलीकरण पर मुख्य सचिव की बैठक, सभी पोर्टल जल्द शुरू करने के निर्देश
Next Article मुख्यमंत्री ने विश्व अल्पसंख्यक अधिकार दिवस के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में किया प्रतिभाग
Leave a comment Leave a comment

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Stay Connected

100FollowersLike
100FollowersFollow
100FollowersFollow
100SubscribersSubscribe
4.4kFollowersFollow
- Advertisement -
Ad imageAd image

Latest News

NABARD के RIDF फंड की उच्चाधिकार प्राप्त समिति की बैठक सम्पन्न
उत्तराखण्ड February 20, 2026
मुख्यमंत्री ने दून हेलीड्रोम में एटीसी टावर के निर्माण हेतु प्रदान की ₹ 5.39 करोड की  स्वीकृति
उत्तराखण्ड February 20, 2026
लक्ष्यों के सापेक्ष उपलब्धियों का मूल्यांकन, राजस्व वृद्धि हेतु सुधारात्मक कदमों के निर्देश
उत्तराखण्ड February 20, 2026
‘जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार’ से आमजन को राहत: मुख्यमंत्री
उत्तराखण्ड February 20, 2026
Devbhumi DiscoverDevbhumi Discover
Follow US
© 2023 Devbhumi Discover. All Rights Reserved. | Designed By: Tech Yard Labs
Welcome Back!

Sign in to your account

Lost your password?