By using this site, you agree to the Privacy Policy and Terms of Use.
Accept
Devbhumi DiscoverDevbhumi DiscoverDevbhumi Discover
  • उत्तरप्रदेश
  • उत्तराखण्ड
  • क्राइम
  • खेल
  • दुनिया
  • देश
  • धर्म
  • पर्यटन
  • E-Paper
  • राजनीति
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
Search
Recent Posts
  • मिलावटखोरों पर और कसेगा सरकार का शिकंजा
  • उत्तराखंड के 47 मंदिरों में गैर-हिंदुओं की एंट्री प्रतिबंधित, बदरी-केदार मंदिर समिति का निर्णय
  • गैरसैंण पर सियासी घमासान, वेडिंग डेस्टिनेशन वाले बयान पर कांग्रेस का सरकार से स्पष्टीकरण
  • कुंभ 2027 से पहले गंगा स्वच्छता और सीवर सिस्टम दुरुस्त करने पर मंथन
  • मुख्यमंत्री मेधावी छात्र प्रोत्साहन छात्रवृत्ति योजना में लाभान्वित हुए सर्वाधिक बच्चे
  • Advertise
© 2023 Devbhumi Discover. All Rights Reserved. | Designed By: Tech Yard Labs
Reading: जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार” अभियान ने रचा कीर्तिमान, एक दिन में 7,876 नागरिकों तक पहुंची सरकार
Share
Notification Show More
Font ResizerAa
Devbhumi DiscoverDevbhumi Discover
Font ResizerAa
  • उत्तरप्रदेश
  • उत्तराखण्ड
  • क्राइम
  • खेल
  • दुनिया
  • देश
  • धर्म
  • पर्यटन
  • E-Paper
  • राजनीति
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
Search
  • उत्तरप्रदेश
  • उत्तराखण्ड
  • क्राइम
  • खेल
  • दुनिया
  • देश
  • धर्म
  • पर्यटन
  • E-Paper
  • राजनीति
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
Follow US
  • Advertise
© 2023 Devbhumi Discover. All Rights Reserved. | Designed By: Tech Yard Labs
Devbhumi Discover > उत्तराखण्ड > जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार” अभियान ने रचा कीर्तिमान, एक दिन में 7,876 नागरिकों तक पहुंची सरकार
उत्तराखण्ड

जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार” अभियान ने रचा कीर्तिमान, एक दिन में 7,876 नागरिकों तक पहुंची सरकार

Devbhumi Discover
Last updated: January 21, 2026 9:48 am
Devbhumi Discover
Share
4 Min Read
SHARE

जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार” अभियान ने रचा नया कीर्तिमान – मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में एक ही दिन में 7,876 नागरिकों तक पहुंची सरकार

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के कुशल, संवेदनशील और परिणामोन्मुख नेतृत्व में उत्तराखंड सरकार द्वारा संचालित “जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार” कार्यक्रम प्रदेश में सुशासन, त्वरित सेवा-प्रदान और जनसमस्याओं के समाधान का प्रभावी मॉडल बनकर सामने आया है। यह कार्यक्रम सरकार और जनता के बीच सीधा संवाद स्थापित कर शासन को वास्तव में जन-केन्द्रित बना रहा है।

आज 20 जनवरी 2026 तक राज्य के सभी 13 जनपदों में इस अभियान के अंतर्गत कुल 408 जनसेवा शिविर आयोजित किए जा चुके हैं। केवल आज के दिन 13 नए शिविरों का आयोजन कर सरकार ने अपनी सक्रियता और प्रतिबद्धता को और सुदृढ़ किया। इन शिविरों में अब तक 3,30,461 नागरिकों ने प्रतिभाग किया है, जिनमें आज 7,876 नागरिकों की सीधी भागीदारी रही। यह आंकड़ा दर्शाता है कि मुख्यमंत्री  पुष्कर सिंह धामी की पहल को जनता का व्यापक विश्वास और समर्थन प्राप्त हो रहा है।

शिविरों के माध्यम से अब तक 33,529 शिकायत एवं प्रार्थना पत्र प्राप्त हुए हैं, जिनमें से 22,675 मामलों का निस्तारण किया जा चुका है। केवल आज के दिन ही 783 नए प्रार्थना पत्र प्राप्त हुए और 502 मामलों का समाधान मौके पर अथवा संबंधित विभागों के माध्यम से सुनिश्चित किया गया। यह त्वरित निस्तारण सरकार की प्रशासनिक दक्षता और जवाबदेही का प्रमाण है।

कार्यक्रम के दौरान विभिन्न प्रकार के प्रमाण-पत्रों एवं अन्य शासकीय सेवाओं के लिए कुल 43,975 आवेदन पत्र प्राप्त हुए हैं, जिनमें आज 659 नए आवेदन शामिल हैं। इसके अतिरिक्त राज्य सरकार की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं के माध्यम से अब तक 1,79,169 नागरिकों को प्रत्यक्ष रूप से लाभान्वित किया जा चुका है, जिनमें आज 3,911 नए लाभार्थी जुड़े। यह उपलब्धि इस बात का प्रमाण है कि योजनाएं कागजों तक सीमित न रहकर वास्तव में जनता के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन ला रही हैं।

जनपदवार आंकड़े बताते हैं कि देहरादून, हरिद्वार, उधम सिंह नगर, अल्मोड़ा, पिथौरागढ़, नैनीताल सहित सभी पर्वतीय और मैदानी जिलों में इस अभियान को समान उत्साह के साथ अपनाया गया है। शिविरों में बड़ी संख्या में आम नागरिकों की उपस्थिति इस बात को सिद्ध करती है कि सरकार की यह पहल जनता की वास्तविक आवश्यकताओं से जुड़ी हुई है।

मुख्यमंत्री  पुष्कर सिंह धामी ने स्पष्ट किया है कि “जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार” केवल एक प्रशासनिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि जनता के प्रति सरकार की जवाबदेही और संवेदनशीलता का प्रतीक है। उनका मानना है कि जब सरकार स्वयं जनता के पास जाकर उनकी समस्याएं सुनती है और समाधान करती है, तो शासन के प्रति विश्वास स्वतः मजबूत होता है।

उत्तराखंड सरकार का यह अभियान राज्य में सुशासन की नई कार्यसंस्कृति को स्थापित कर रहा है, जहां संवाद, समाधान और सेवा को सर्वाेच्च प्राथमिकता दी जा रही है। मुख्यमंत्री  पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में यह कार्यक्रम आने वाले समय में भी और अधिक व्यापक रूप में जारी रहेगा तथा उत्तराखंड को जनकल्याण और सुशासन के क्षेत्र में एक आदर्श राज्य के रूप में स्थापित करेगा।

You Might Also Like

मिलावटखोरों पर और कसेगा सरकार का शिकंजा

उत्तराखंड के 47 मंदिरों में गैर-हिंदुओं की एंट्री प्रतिबंधित, बदरी-केदार मंदिर समिति का निर्णय

गैरसैंण पर सियासी घमासान, वेडिंग डेस्टिनेशन वाले बयान पर कांग्रेस का सरकार से स्पष्टीकरण

कुंभ 2027 से पहले गंगा स्वच्छता और सीवर सिस्टम दुरुस्त करने पर मंथन

मुख्यमंत्री मेधावी छात्र प्रोत्साहन छात्रवृत्ति योजना में लाभान्वित हुए सर्वाधिक बच्चे

Share This Article
Facebook Twitter Copy Link Print
Share
Previous Article SASCI के तहत कुल 759 करोड़ रुपए मंजूर
Next Article आईआईटी रुड़की ने विकसित किया अगली पीढ़ी का एंटीबॉडी खोज मंच
Leave a comment Leave a comment

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Stay Connected

100FollowersLike
100FollowersFollow
100FollowersFollow
100SubscribersSubscribe
4.4kFollowersFollow
- Advertisement -
Ad imageAd image

Latest News

CM धामी का निर्देश: खाद्य एवं रसद व्यवस्था की निगरानी के लिए अधिकारियों की विशेष तैनाती
उत्तराखण्ड राज्य समाचार March 12, 2026
विकास, सुशासन और जनकल्याण के विकल्प रहित संकल्प के साथ कार्य कर रही सरकार – मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी
उत्तराखण्ड राज्य समाचार March 12, 2026
प्रदेश में घरेलू गैस सिलेंडर की कोई कमी नहीं, अफवाहों पर सख्त कार्रवाई के निर्देश
उत्तराखण्ड राज्य समाचार March 12, 2026
सड़क, पुल निर्माण से लेकर गड्ढ़ा भरने तक के लिए धामी सरकार ने किया बजट प्रावधान
उत्तराखण्ड राज्य समाचार March 12, 2026
Devbhumi DiscoverDevbhumi Discover
Follow US
© 2023 Devbhumi Discover. All Rights Reserved. | Designed By: Tech Yard Labs
Welcome Back!

Sign in to your account

Lost your password?