By using this site, you agree to the Privacy Policy and Terms of Use.
Accept
Devbhumi DiscoverDevbhumi DiscoverDevbhumi Discover
  • उत्तरप्रदेश
  • उत्तराखण्ड
  • क्राइम
  • खेल
  • दुनिया
  • देश
  • धर्म
  • पर्यटन
  • E-Paper
  • राजनीति
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
Search
Recent Posts
  • सतपुली के उपकोषाधिकारी रिश्वत लेते रंगेहाथ गिरफ्तार
  • देहरादून के 11 बड़े चौराहों पर आधुनिक ट्रैफिक कंट्रोल और सांस्कृतिक सौंदर्यीकरण की पहल
  • देहरादून की फेमस ज्वेलरी फर्म पर आयकर का शिकंजा, 15 करोड़ से ज्यादा की टैक्स चोरी
  • उत्तराखंड में मूसलधार बारिश का कहर, भूस्खलन से 5 लोगों की जान गई, नदियाँ खतरे के निशान पर
  • अब अंतरराष्ट्रीय खेल स्पर्धा आयोजन के लिए तैयार हैं उत्तराखंड – मुख्यमंत्री
  • Advertise
© 2023 Devbhumi Discover. All Rights Reserved. | Designed By: Tech Yard Labs
Reading: हर्षिल आपदा का रहस्य उजागर: धराली में तबाही झील टूटने से नहीं, बादल फटने से आई विनाशकारी बाढ़
Share
Notification Show More
Font ResizerAa
Devbhumi DiscoverDevbhumi Discover
Font ResizerAa
  • उत्तरप्रदेश
  • उत्तराखण्ड
  • क्राइम
  • खेल
  • दुनिया
  • देश
  • धर्म
  • पर्यटन
  • E-Paper
  • राजनीति
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
Search
  • उत्तरप्रदेश
  • उत्तराखण्ड
  • क्राइम
  • खेल
  • दुनिया
  • देश
  • धर्म
  • पर्यटन
  • E-Paper
  • राजनीति
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
Follow US
  • Advertise
© 2023 Devbhumi Discover. All Rights Reserved. | Designed By: Tech Yard Labs
Devbhumi Discover > उत्तराखण्ड > हर्षिल आपदा का रहस्य उजागर: धराली में तबाही झील टूटने से नहीं, बादल फटने से आई विनाशकारी बाढ़
उत्तराखण्ड

हर्षिल आपदा का रहस्य उजागर: धराली में तबाही झील टूटने से नहीं, बादल फटने से आई विनाशकारी बाढ़

Devbhumi Discover
Last updated: August 18, 2025 11:34 am
Devbhumi Discover
Share
2 Min Read
SHARE

धराली त्रासदी: खीरगंगा में आई ‘सुनामी’ की असल वजह बादल फटना, झील टूटने की थ्योरी खारिज

देहरादून।

उत्तरकाशी जिले की हर्षिल घाटी में 5 अगस्त को आई आपदा का रहस्य अब लगभग स्पष्ट हो गया है। धराली को तबाह करने वाली खीरगंगा की विनाशकारी बाढ़ किसी झील टूटने से नहीं, बल्कि कैचमेंट एरिया में बादल फटने (अत्यधिक वर्षा) से उत्पन्न हुई थी। भूगर्भ विज्ञानी डॉ. पीसी नवानी के शुरुआती आकलन को अब एसडीआरएफ की ओर से जुटाए गए प्रमाण भी पुख्ता कर रहे हैं।

धराली बाजार को पलक झपकते ही मिटा देने वाली इस प्रचंड बाढ़ के पीछे शुरुआत में ग्लेशियर लेक टूटने की आशंका जताई गई थी। लेकिन डॉ. नवानी का कहना था कि एक घंटे में 100 मिलीमीटर से अधिक वर्षा ने कैचमेंट एरिया में जमा विशाल मोरेन (ग्लेशियर मलबा) को बहा दिया। इससे उत्पन्न प्रवाह में करीब 100 क्यूमेक्स पानी 150 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से बहता हुआ धराली पहुंचा और भारी तबाही मचाई।

एसडीआरएफ की जांच ने दी पुष्टि
एसडीआरएफ ने 7 से 15 अगस्त के बीच तीन चरणों में खीरगंगा के उद्गम और कैचमेंट क्षेत्र का सर्वे किया। पर्वतारोहियों व विशेषज्ञों की टीम ने 4812 मीटर ऊंचाई तक पहुंचकर ड्रोन से विस्तृत वीडियोग्राफी और फोटोग्राफी की। इन तस्वीरों में कहीं भी झील या ग्लेशियर लेक का कोई निशान नहीं मिला, जबकि कैचमेंट क्षेत्र में विशाल मात्रा में मोरेन स्पष्ट दिखाई दे रहा है।

इन साक्ष्यों पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए डॉ. नवानी ने कहा, “मेरा आकलन अब पूरी तरह पुष्टि में बदल गया है। खीरगंगा का उफान झील टूटने से नहीं, बल्कि अत्यधिक वर्षा और मोरेन के बहाव से आया।”

विशेषज्ञ भी सहमत
राज्य सरकार की ओर से भेजे गए भूस्खलन शमन एवं प्रबंधन केंद्र के विशेषज्ञ दल ने भी प्रारंभिक अध्ययन में ग्लेशियर लेक फटने की थ्योरी को खारिज कर बादल फटने को मुख्य कारण माना है।

You Might Also Like

सतपुली के उपकोषाधिकारी रिश्वत लेते रंगेहाथ गिरफ्तार

देहरादून के 11 बड़े चौराहों पर आधुनिक ट्रैफिक कंट्रोल और सांस्कृतिक सौंदर्यीकरण की पहल

देहरादून की फेमस ज्वेलरी फर्म पर आयकर का शिकंजा, 15 करोड़ से ज्यादा की टैक्स चोरी

उत्तराखंड में मूसलधार बारिश का कहर, भूस्खलन से 5 लोगों की जान गई, नदियाँ खतरे के निशान पर

अब अंतरराष्ट्रीय खेल स्पर्धा आयोजन के लिए तैयार हैं उत्तराखंड – मुख्यमंत्री

TAGGED:but the devastating flood was caused by cloudburstof Harshil disaster revealed:The destruction in Dharali was not dueThe mysteryto the breaking of the lake
Share This Article
Facebook Twitter Copy Link Print
Share
Previous Article परेड ग्राउंड कार्यक्रम में प्रोटोकॉल लापरवाही पर नाराज़ हुईं विधानसभा अध्यक्ष, मुख्य सचिव से मांगा जवाब
Next Article देहरादून: महिला ने पति और ससुराल पक्ष पर मारपीट व 10 लाख की मांग का लगाया आरोप
Leave a comment Leave a comment

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Stay Connected

100FollowersLike
100FollowersFollow
100FollowersFollow
100SubscribersSubscribe
4.4kFollowersFollow
- Advertisement -
Ad imageAd image

Latest News

जर्मन प्रतिनिधिमंडल ने दून विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों के लिए जर्मनी में पढ़ाई और काम करने हेतु 10 छात्रवृत्तियों की घोषणा की
उत्तराखण्ड August 29, 2025
मुख्य सचिव ने राज्य आपदा कंट्रोल रूम पहुंच प्रदेश में अतिवृष्टि की जानकारी ली
उत्तराखण्ड August 29, 2025
उत्तराखंड के आपदा क्षेत्रों में राहत-बचाव कार्यों को लेकर सीएम धामी सक्रिय, जिला अधिकारियों को दिए निर्देश
उत्तराखण्ड August 29, 2025
अल्मोड़ा में 50 बेड का क्रिटिकल केयर ब्लॉक और महिला चिकित्सालय का अपग्रेडेशन
उत्तराखण्ड August 29, 2025
Devbhumi DiscoverDevbhumi Discover
Follow US
© 2023 Devbhumi Discover. All Rights Reserved. | Designed By: Tech Yard Labs
Welcome Back!

Sign in to your account

Lost your password?