By using this site, you agree to the Privacy Policy and Terms of Use.
Accept
Devbhumi DiscoverDevbhumi DiscoverDevbhumi Discover
  • उत्तरप्रदेश
  • उत्तराखण्ड
  • क्राइम
  • खेल
  • दुनिया
  • देश
  • धर्म
  • पर्यटन
  • E-Paper
  • राजनीति
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
Search
Recent Posts
  • हिमालय दिवस के उपलक्ष्य में आयोजित ‘हिमालयो नाम नगाधिराजः’ कार्यक्रम में शामिल हुए मुख्यमंत्री
  • समाधान दिवस में 120 शिकायतें दर्ज, डीएम ने अधिकारियों को दिए त्वरित कार्रवाई के निर्देश
  • कार्यदायी संस्थाओं को कन्ट्रोलरूम में देनी होगी कार्य प्रगति की प्रतिदिन की रिपोर्ट
  • मुख्य सचिव की अध्यक्षता में आयोजित हुई वाइब्रेंट विलेज कार्यक्रम की राज्य स्तरीय अनुमोदन समिति की बैठक
  • उत्तराखण्ड में 3 अक्टूबर को प्रकाशित होगा मतदाता सूची का अंतिम प्रकाशन
  • Advertise
© 2023 Devbhumi Discover. All Rights Reserved. | Designed By: Tech Yard Labs
Reading: हिमालय दिवस के उपलक्ष्य में आयोजित ‘हिमालयो नाम नगाधिराजः’ कार्यक्रम में शामिल हुए मुख्यमंत्री
Share
Notification Show More
Font ResizerAa
Devbhumi DiscoverDevbhumi Discover
Font ResizerAa
  • उत्तरप्रदेश
  • उत्तराखण्ड
  • क्राइम
  • खेल
  • दुनिया
  • देश
  • धर्म
  • पर्यटन
  • E-Paper
  • राजनीति
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
Search
  • उत्तरप्रदेश
  • उत्तराखण्ड
  • क्राइम
  • खेल
  • दुनिया
  • देश
  • धर्म
  • पर्यटन
  • E-Paper
  • राजनीति
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
Follow US
  • Advertise
© 2023 Devbhumi Discover. All Rights Reserved. | Designed By: Tech Yard Labs
Devbhumi Discover > उत्तराखण्ड > हिमालय दिवस के उपलक्ष्य में आयोजित ‘हिमालयो नाम नगाधिराजः’ कार्यक्रम में शामिल हुए मुख्यमंत्री
उत्तराखण्डदेहरादूनदेहरादून

हिमालय दिवस के उपलक्ष्य में आयोजित ‘हिमालयो नाम नगाधिराजः’ कार्यक्रम में शामिल हुए मुख्यमंत्री

Devbhumi Discover
Last updated: September 7, 2026 4:49 PM
Devbhumi Discover
Share
5 Min Read
SHARE

देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सोमवार को वीर माधो सिंह भण्डारी उत्तराखण्ड प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, देहरादून में हिमालय दिवस के उपलक्ष्य में आयोजित ‘हिमालयो नाम नगाधिराजः’ कार्यक्रम में प्रतिभाग किया। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर हिमालय परिषद् में मूलभूत सुविधाओं और संसाधनों में वृद्धि के लिए 1 करोड़ की धनराशि देने की घोषणा की। उन्होंने यह भी घोषणा की कि हिमालय के संरक्षण, संवर्धन एवं सतत विकास के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य करने वाले शोधकर्ताओं, वैज्ञानिकों, सामाजिक कार्यकर्ताओं एवं हिमालयी क्षेत्रों के लिए समर्पित विशिष्ट व्यक्तित्वों को ‘हिमालय विभूति सम्मान’ प्रदान किया जाएगा। यह सम्मान प्रत्येक वर्ष हिमालय दिवस के अवसर पर प्रदान किया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी से संबंधित पांच पोस्टरों का विमोचन किया। इनमें 7वें देहरादून इंटरनेशनल साइंस एंड टेक्नोलॉजी फेस्टिवल, साइंस एंड टेक्नोलॉजी प्रीमियर लीग, सीमांत बाल विज्ञान कांग्रेस, ज्ञानोत्कर्ष तथा 21वीं उत्तराखण्ड राज्य साइंस कॉन्फ्रेंस के पोस्टर शामिल हैं। मुख्यमंत्री ने विज्ञान के लोकप्रियकरण पर केंद्रित पत्रिका ‘विज्ञान संप्रेषण’ के पांचवें वार्षिकांक का भी विमोचन किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हिमालय हमारे लिए केवल एक पर्वत श्रृंखला नहीं, बल्कि हमारी पहचान, संस्कृति और अस्तित्व का आधार है। आदि काल से हिमालय हमारे ऋषियों, मुनियों, साधकों और विचारकों की तपोभूमि रही है। गंगा और यमुना सहित अनेक जीवनदायिनी नदियों का उद्गम हिमालय से होता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि जलवायु परिवर्तन और ग्लोबल वार्मिंग आज पूरी दुनिया के सामने बड़ी चुनौती हैं और इनका प्रभाव हिमालयी क्षेत्रों में भी स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा है। ग्लेशियरों पर बढ़ता दबाव, पारंपरिक जल स्रोतों पर संकट तथा अतिवृष्टि, भूस्खलन, वनाग्नि और अचानक आने वाली बाढ़ जैसी घटनाएं लगातार नई चुनौतियां खड़ी कर रही हैं। हिमालय की संवेदनशीलता का सम्मान करते हुए विकास कार्यों में विज्ञान, तकनीक, सुरक्षा और प्रकृति के बीच संतुलन बनाकर आगे बढ़ना आवश्यक है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि जलवायु परिवर्तन किसी राज्य या देश की सीमाओं को देखकर अपना प्रभाव नहीं डालता। पर्यावरण को नुकसान पहुंचाने में बहुत कम योगदान देने वाले हिमालयी क्षेत्रों को भी इसका बड़ा मूल्य चुकाना पड़ सकता है। इसलिए जलवायु परिवर्तन की जिम्मेदारी और उसके समाधान के प्रयास साझा होने चाहिए। हिमालयी राज्यों की इस चिंता और आवाज को राष्ट्रीय एवं वैश्विक मंचों तक और मजबूती से पहुंचाने की आवश्यकता है। हिमालय के ग्लेशियर और जल स्रोत प्रभावित होने का असर नदियों, कृषि, पेयजल और करोड़ों लोगों के जीवन पर पड़ता है। इसलिए हिमालय संरक्षण केवल पर्यावरण का विषय नहीं, बल्कि हमारे भविष्य से जुड़ा विषय है। मुख्यमंत्री ने कहा कि नई पीढ़ी पर्यावरण को लेकर जागरूक है। आज युवा हिमालय, नदियों, जंगलों, स्वच्छ हवा और पानी जैसे विषयों पर गंभीरता से सोच रहे हैं। आने वाली पीढ़ियां हमसे केवल बड़ी इमारतों और चैड़ी सड़कों का हिसाब नहीं मांगेंगी, बल्कि स्वच्छ हवा, स्वच्छ पानी, नदियों और जंगलों का भी हिसाब मांगेंगी। इसलिए हमें आज ही तय करना होगा कि हम आने वाली पीढ़ियों को कैसा उत्तराखण्ड सौंपकर जाना चाहते हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हिमालय संरक्षण के लिए जनभागीदारी सबसे महत्वपूर्ण है। इसी उद्देश्य से 2 सितंबर के बुग्याल दिवस से 9 सितंबर के हिमालय दिवस तक पूरे सप्ताह को ‘हिमालय दिवस सप्ताह’ के रूप में मनाने की शुरुआत की गई है। हिमालय संरक्षण केवल सरकारी कार्यक्रमों और सेमिनारों तक सीमित न रहकर जन-जन का आंदोलन बनना चाहिए। उन्होंने कहा कि बुग्याल हमारी जैव विविधता और जल स्रोतों के महत्वपूर्ण आधार हैं, जंगल हमारी हवा, पानी और मिट्टी के रक्षक हैं तथा नदियां हमारी सभ्यता की जीवनधारा हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि हिमालय संरक्षण को पहाड़ की समृद्धि से भी जोड़ना होगा। गांवों में रोजगार, स्थानीय उत्पादों को बाजार, मातृशक्ति का आर्थिक सशक्तिकरण, प्राकृतिक खेती और पर्यावरण अनुकूल पर्यटन को बढ़ावा देकर पलायन को कम किया जा सकता है। हिमालय का संरक्षण और पहाड़ की समृद्धि एक-दूसरे के विरोधी नहीं, बल्कि पूरक हैं। हमारे जंगल, बुग्याल, जैव विविधता, नदियां, पारंपरिक ज्ञान और स्थानीय उत्पाद हमारी इकोलॉजिकल वेल्थ हैं और यही भविष्य में हमारी इकोनॉमिक स्ट्रेंथ भी बन सकते हैं। इस अवसर पर विधायक किशोर उपाध्याय, हेस्को के संस्थापक एवं पद्म भूषण से सम्मानित डॉ. अनिल प्रकाश जोशी, वीर माधो सिंह भण्डारी उत्तराखण्ड प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय की कुलपति डॉ. तृप्ता ठाकुर, महानिदेशक यू-कॉस्ट प्रो. दुर्गेश पंत, रजिस्ट्रार वीर माधो सिंह भण्डारी उत्तराखण्ड प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय डॉ. राजेश उपाध्याय, संयुक्त निदेशक यू कॉस्ट  डी.पी. उनियाल एवं अन्य गणमान्य उपस्थित थे।

You Might Also Like

समाधान दिवस में 120 शिकायतें दर्ज, डीएम ने अधिकारियों को दिए त्वरित कार्रवाई के निर्देश

कार्यदायी संस्थाओं को कन्ट्रोलरूम में देनी होगी कार्य प्रगति की प्रतिदिन की रिपोर्ट

मुख्य सचिव की अध्यक्षता में आयोजित हुई वाइब्रेंट विलेज कार्यक्रम की राज्य स्तरीय अनुमोदन समिति की बैठक

उत्तराखण्ड में 3 अक्टूबर को प्रकाशित होगा मतदाता सूची का अंतिम प्रकाशन

मुख्यमंत्री ने किया ‘मुख्यमंत्री युवा भविष्य निर्माण योजना’ का शुभारंभ

Share This Article
Facebook Twitter Copy Link Print
Share
Previous Article समाधान दिवस में 120 शिकायतें दर्ज, डीएम ने अधिकारियों को दिए त्वरित कार्रवाई के निर्देश
Leave a comment Leave a comment

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Stay Connected

100FollowersLike
100FollowersFollow
100FollowersFollow
100SubscribersSubscribe
4.4kFollowersFollow
- Advertisement -
Ad imageAd image

Latest News

सेवा संकल्प अभियान को बूथ स्तर तक पहुंचाएं कार्यकर्ताः गणेश जोशी
उत्तराखण्ड देहरादून देहरादून राजनीति September 6, 2026
महाराज ने मौके पर ही किया जन समस्याओं का निस्तारण
उत्तराखण्ड देहरादून देहरादून पौड़ी-गढ़वाल September 6, 2026
सेलाकुई में बहुउद्देशीय विधिक सेवा एवं जागरूकता शिविर आयोजित
उत्तराखण्ड देहरादून देहरादून राज्य समाचार September 6, 2026
मुख्यमंत्री धामी ने पारंपरिक आभूषणों को ‘लोकल टू ग्लोबल’ पहचान दिलाने पर दिया जोर
उत्तराखण्ड देहरादून देहरादून राज्य समाचार September 6, 2026
Devbhumi DiscoverDevbhumi Discover
Follow US
© 2023 Devbhumi Discover. All Rights Reserved. | Designed By: Tech Yard Labs
Welcome Back!

Sign in to your account

Lost your password?