देहरादून: त्योहारी सीजन में आम जनता को गुणवत्तापूर्ण और सुरक्षित खाद्य पदार्थ उपलब्ध कराने के लिए खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन ने देहरादून जनपद में जांच अभियान तेज कर दिया है। आयुक्त खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन उत्तराखंड विनय शंकर पांडेय के निर्देश पर खाद्य सुरक्षा विभाग की टीमों ने देहरादून के नवादा, माजरी माफी, रिंग रोड और विकासनगर-हरबर्टपुर क्षेत्र में मिठाई की दुकानों एवं विभिन्न खाद्य प्रतिष्ठानों का निरीक्षण किया। इसके साथ ही सरकारी विद्यालयों में विद्यार्थियों को परोसे जाने वाले मिड-डे मील की गुणवत्ता जांचने के लिए भी विशेष अभियान चलाया गया। इस दौरान कुल 32 खाद्य पदार्थों के नमूने लेकर जांच के लिए राजकीय खाद्य विश्लेषणशाला भेजे गए हैं। जांच रिपोर्ट के आधार पर संबंधित प्रतिष्ठानों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
खाद्य सुरक्षा विभाग की इस कार्रवाई का उद्देश्य मिठाइयों और अन्य खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के साथ ही उपभोक्ताओं को खाद्य सामग्री की ताजगी और उपयोग की अवधि के संबंध में स्पष्ट जानकारी उपलब्ध कराना है।
निरीक्षण के दौरान चाहत स्वीट्स शॉप में मिठाइयों की ट्रे पर निर्माण तिथि और अवसान तिथि अंकित मिली। वहीं, आनंद स्वीट्स शॉप को मिठाइयों की ट्रे पर दोनों तिथियां स्पष्ट रूप से लिखने के निर्देश दिए गए। इसके अतिरिक्त क्षेत्र के विभिन्न प्रतिष्ठानों से संदेह के आधार पर चिप्स की दो किस्मों, घी, मसालों और सरसों के तेल सहित पांच खाद्य नमूने लिए गए।खाद्य सुरक्षा विभाग ने विद्यार्थियों को परोसे जाने वाले भोजन की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए सरकारी विद्यालयों में भी निरीक्षण किया। वरिष्ठ खाद्य सुरक्षा अधिकारी रमेश सिंह ने राजकीय प्राथमिक विद्यालय डांडा लंखोड़, नागल हटनाला, खुदानेवाला, नालापानी, राजकीय इंटर कॉलेज गुजराड़ा, नालापानी, राजकीय कन्या जूनियर हाईस्कूल गुजराड़ा और राजकीय प्राथमिक माध्यमिक विद्यालय नागल हटनाला सहित आठ विद्यालयों में मिड-डे मील की जांच की। इस दौरान मिक्स सब्जी, दाल, चावल सहित विद्यार्थियों को परोसे जाने वाले तैयार खाद्य पदार्थों के कुल 24 नमूने लिए गए। इन नमूनों की जांच के माध्यम से भोजन की गुणवत्ता और सुरक्षा का आकलन किया जाएगा।

